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Rewari News: शहर में कूड़े से अटे पुराने डस्टबिन, अब नए लगाने की तैयारी

Mon, 09 Feb 2026 12:24 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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महाराणा प्रताप चौक के पास पड़े नए डस्टबिन। संवाद
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रेवाड़ी। शहर में नगर परिषद की ओर से लगाए गए पुराने डस्टबिन कूड़े से अटे पड़े हैं। अब नए डस्टबिन लगाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले नगर परिषद ने शहर में जगह-जगह बने कचरा प्वाइंट को खत्म करने के लिए डस्टबिन खरीद लिए हैं। 2 साल से अधिक समय से शहर की सड़कों से डस्टबिन गायब हैं, जिससे लोगों ने कचरा प्वाइंट बना लिए हैं।
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नगर परिषद ने शहर की सड़कों पर फिर डस्टबिन लगाने की तैयारी की है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से 230 स्टैंड वाले डस्टबिन, 20 बड़े डस्टबिन, 60 रेहड़यां और 30 रिक्शा खरीदे गए हैं। छोटे डस्टबिनों को बाजार और पार्कों में लगाया जाएगा जबकि बड़े डस्टबिन मेन कचरा प्वाइंट पर रखे जाएंगे।
कूड़ा एकत्रित करने के लिए रेहड़ियों और रिक्शे को तंग गलियों में भेजा जाएगा। इससे खुले में कचरा फेंकने पर रोक लगेगी और शहर की सफाई व्यवस्था सुधरेगी।

नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार डस्टबिन शहर के मुख्य बाजार, कॉलोनी-मोहल्लों और पार्कों में लगाए जाएंगे जिससे खुले में कचरा फेंकने पर काफी हद तक अंकुश लगेगा और कचरा एक ही स्थान पर एकत्रित होगा।
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डस्टबिनों के हटाए जाने से सड़कों के किनारे ही कचरा डाला जा रहा था। वैसे शहर के लिए करीब 500 डस्टबिनों की जरूरत है।





20 लाख रुपये की लागत से खरीदे स्टील डस्टबिन गायब



छह वर्ष पहले 20 लाख रुपये की लागत से स्टील के 135 डस्टबिन खरीदे गए थे जो अब गायब हो गए हैं। नगर परिषद का चुनाव दिसंबर 2020 में हुआ था। इसके बाद नए हाउस का गठन हुआ था। इससे पहले प्रशासक की देखरेख में नगर परिषद का कामकाज चल रहा था। हाउस का गठन होने से पहले शहर में स्टील के छोटे डस्टबिन लगाने की योजना अधिकारियों ने बनाई थी। सरकार से अधिकृत जेम पोर्टल के माध्यम से इन डस्टबिन की खरीद की गई थी। 20 लाख रुपये खर्च कर स्टील के डस्टबिन खरीदे गए थे। इसके बाद नप के चुनाव हुए और हाउस का गठन हो गया। करीब 5 महीने तक डस्टबिन नप कार्यालय में ही पड़े थे। जून की शुरुआत में शहर के सर्कुलर रोड, ब्रास मार्केट आदि जगह पर ये डस्टबिन लगाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि राशि पूरी खर्च नहीं हुई थी।



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50 लाख से बनाए गए स्मार्ट डस्टबिन भी खराब



वर्ष 2018-19 में 50 लाख की राशि खर्च शहर के 8 स्थानों पर स्मार्ट डस्टबिन बनाए गए थे ताकि कहीं कूड़ा नजर न आए। उस वक्त एक डस्टबिन पर करीब 6.9 लाख रुपये खर्च किए गए जबकि इनका इस्तेमाल 10-12 हजार रुपये में रखे जाने वाले डस्टबिन की ही तरह किया गया। दावा किया था कि इन डस्टबिन की स्मार्ट मॉनिटरिंग होगी। वह भी खराब हो गए हैं। शहर की सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए करीब 600 सफाई कर्मचारियों की जरूरत है। वर्तमान में शहर की कॉलोनियों, मोहल्लों बाजार व मुख्य मार्गों पर 322 कर्मचारी सफाई कार्य संभाल रहे हैं। इनमें 109 कर्मचारी ही नियमित हैं। बाकी सभी ठेके पर लगे हैं।
वर्जन

नगर परिषद की ओर से स्टैंड वाले डस्टबिन, बड़े डस्टबिन, रेहड़ियां और रिक्शा खरीदे गए हैं। जहां सबसे ज्यादा जरूरत होगी वहां पर डस्टबिन लगाए जाएंगे। लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। -सुशील भुक्कल, ईओ, नगर परिषद रेवाड़ी।

महाराणा प्रताप चौक के पास पड़े नए डस्टबिन। संवाद

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