संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। परिवार पहचान पत्र में सरकार ने तीन महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अगर किसी के दो बेटे अलग-अलग रहते हैं तो परिवार की मुखिया की सहमति से अलग परिवार पहचानपत्र बनवा सकेंगे।
60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को बुढ़ापा पेंशन के लिए जन्मतिथि प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है बल्कि इसके लिए वोटर आईडी मान्य होगा। इसी प्रकार आय प्रमाणपत्र आसानी से ठीक कराया जा सकेगा। परिवार पहचान पत्र स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि परिवार पहचान पत्र में त्रुटि को सुधरवाने के लिए पहले लोगों को भागदौड़ करनी पड़ती थी। अब लोग बिना किसी कागजी कार्रवाई के इनमें सुधार करा सकते हैं। कुछ परिवार ऐसे भी थे जिनमें दो या तीन भाई परिवार संग अलग रहते थे लेकिन परिवार पहचान पत्र एक ही था।
ऐसे लोग अब अलग परिवार पहचान पत्र बनवा सकते हैं। इसके लिए उन्हें किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल परिवार के मुखिया से ओटीपी लेकर अपने स्वयं के फोन से सिटीजन लॉगइन आईडी से तुरंत अलग किया जा सकता है। अगर किसी के दो बेटे हैं और दोनों अलग-अलग रहते हैं तो वे परिवार के मुखिया की सहमति से अलग फैमिली आईडी बनवा सकते हैं।
जिनकी उम्र 60 साल है लेकिन जन्म प्रमाण नहीं है और न ही 10वीं का प्रमाणपत्र है। न ही कोई ऐसा सरकारी दस्तावेज है जिसमें जन्मतिथि लिखी है। उनके लिए अब वर्ष 2019 में जिस वोटर कार्ड से उन्होंने वोट डाला है, उसमें दर्ज जन्मतिथि के आधार पर सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है। बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनकी उम्र पूरी है, लेकिन उम्र का कोई दस्तावेज नहीं है। ऐसे में वे बुढ़ापा पेंशन से भी वंचित थे। उन्हें भी लाभ होगा।
अगर किसी परिवार की आय गलत दर्ज है तो इसमें सुधार के लिए स्वयं सत्यापन फार्म जारी किया गया है। जो नोटरी अटेस्ट करके और इस फार्म में अपनी आमदनी भर कर सुधार कराया जा सकता है।