कुंड (रेवाड़ी)। माजरा में निर्माणाधीन एम्स में नए शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू होने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। एमबीबीएस कक्षाएं शुरू कराने की मांग लंबे समय से उठ रही थी। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया था।
इसके बाद पहले नॉन-टीचिंग स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई और अब शिक्षण पदों को भरने की कवायद तेज कर दी गई है। एम्स प्रशासन ने एसोसिएट प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जून में नीट परीक्षा आयोजित होगी और परिणाम आने के बाद एमबीबीएस दाखिले शुरू होने की संभावना है। ऐसे में एम्स प्रशासन इसी सत्र से कक्षाएं शुरू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। दक्षिणी हरियाणा में बन रहा यह संस्थान भविष्य में देश को बड़ी संख्या में डॉक्टर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एम्स प्रशासन की ओर से ओपीडी सेवाएं शुरू करने की तैयारी भी समानांतर रूप से चल रही है। कक्षाएं शुरू होने के बाद अस्पताल की ओपीडी भी आम लोगों के लिए शुरू की जा सकती है। इसके लिए आधारभूत सुविधाओं और स्टाफ व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
हाल ही में नियुक्त उप निदेशक राकेश कुमार के पदभार संभालने के बाद परियोजना कार्यों में तेजी आई है। प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए सरकार ने उन्हें यहां जिम्मेदारी सौंपी है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि एम्स शुरू होने से न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी बल्कि क्षेत्र को शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।