रेवाड़ी। जिला शिक्षा अधिकारी का कार्यालय। फाइल फोटो
रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति अब एएमएस (अकादमिक मॉनिटरिंग सिस्टम) पोर्टल पर भी अपलोड करनी होगी। विद्यार्थियों की उपस्थिति को शैक्षणिक निगरानी प्रणाली पोर्टल पर अपलोड करने की जिम्मेदारी विद्यालय मुखिया को सौंपी गई है।
शिक्षा निदेशालय की तरफ से बताया गया है कि जिले के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की उपस्थिति डाटा में खामियां देखी जा रही थीं। इसको देखते हुए निदेशालय ने फैसला लिया कि अब विद्यार्थियों की उपस्थिति एएमएस पोर्टल पर ही दर्ज की जाएगी। विद्यालय में यह नियम लगने के बाद मुख्यालय को विद्यार्थियों का डाटा भी सही मिलेगा। स्कूलों में मिलने वाले सुविधाओं का भी उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एएमएस पोर्टल पर डाटा अपलोड करवाने का मुख्य मकसद यह है कि विद्यार्थियों की उपस्थिति का ब्योरा ठीक ढंग से मिल पाएगा। साथ ही किसी प्रकार की गड़बड़ी भी नहीं होगी। इससे समय भी बचेगा और बार-बार डाटा उपलब्ध करवाने को लेकर भी दिक्कत नहीं होगी।
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मुख्यालय की ओर से होगी मॉनिटरिंग
मॉनिटरिंग मुख्यालय की ओर से की जाएगी। इसके साथ ही मुख्यालय के जारी निर्देश में यह भी बताया है कि स्कूलों में दिए जाने वाले मिड-डे मील का डाटा भी अब इसी प्रकार रोजाना अपडेट किए जाएंगे। लंबे समय से मिड-डे मील में भी खामियां मिल रही थीं। इसके बाद विभाग ने फैसला लिया कि अब रोजाना मिड-डे मील वर्करों की भी उपस्थिति इसी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके पहले विद्यालय स्तर पर प्रबंधन समिति के सहयोग से विद्यालय मुखिया के जरिए इसका रिकॉर्ड रखा जाता था। कभी कभी डाटा ठीक नहीं जाता था, जिसको देखते हुए निदेशालय की ओर से इसमें भी बदलाव किया गया है।
वर्जन-
निदेशालय से एएमएस पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी स्कूल मुखियाओं को इसको लेकर आदेश दिए जा रहे हैं। पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों की उपस्थिति अब एएमएस पोर्टल पर भी विद्यालय मुखिया को अपलोड करनी होगी।- कपिल पूनिया, डीईईओ शिक्षा विभाग रेवाड़ी