रेवाड़ी। नागरिक अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। अब आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत 5 लाख रुपये कैशलेस इलाज का लाभ आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को भी मिलेगा। इनको भी लाभार्थियों की सूची में शामिल किया गया है। इसके चलते वर्करों और हेल्परों ने भी कार्ड बनवाना शुरू कर दिया है। रेवाड़ी में लगभग 80 हजार का नया टारगेट मिला है।इससे जिले में लाभार्थियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
अब तक जिले में 3 लाख 88 हजार कार्ड बनाए जा चुके हैं। और इस समय लगभग 92 हजार कार्ड पेंडिंग हैं।अब पेंडिंग कार्ड बनवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सीएचसी लेवल पर भी टीम बनाई गई है। नई लिस्ट भी सीएचसी को सौंप दी गई है।
जिला नोडल अधिकारी ने बताया कि जिन जगहों पर कार्ड पेंडिंग हैं, वहां लिस्ट तैयार की जाएगी। इसलिए अगर जरूरत पड़ी तो शहर से लेकर गांवों में कैंप भी लगाए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिले का राज्य में कार्ड बनाने के मामले में छठा नंबर है। उन्होंने लाभार्थियों से कार्ड बनवाने की अपील की है। कार्ड से सालाना 5 लाख तक कैशलेस इलाज करवा सकते हैं।
इंसेट
44 गांव कार्ड बनवाने में सबसे आगे
जिले में 44 गांवों ने आयुष्मान कार्ड बनवाने में सबसे आगे रहकर मिसाल पेश की है। जिन गांवों में सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बन गए हैं, उनमें आरामनगर, बीड़ झाबुआ, खेड़ी धरचाना, रामसिंहपुरा, श्रीनगर, राजपुरा आलमगीरपुर, पृथ्वीपुरा, रसूलपुर, रसूली, बाड़ जादू, बाड़ सुंदरोज, कान्हावास, कान माजरा, पोखरपुर सहित अन्य गांव शामिल हैं।
वर्जन:
जिले में आशा, आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर को भी योजना का लाभ मिल सकेगा। रेवाड़ी में 80 हजार कार्ड बनाने का टारगेट रखा गया है। वहीं डीसी राहुल हुड्डा के निर्देश पर सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में पेंडिंग कार्ड बनवाने के लिए भी अभियान तेज कर दिया है। - डॉ. विशाल राव, नोडल अधिकारी