कचरा एकत्रित करती नगर परिषद की गाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। डोर-टू-डोर कचरा उठान कार्य का अब स्थायी समाधान हो गया है। नगर परिषद क्षेत्र में सोमवार से घर-घर कचरा संग्रहण और उसके निस्तारण का कार्य नई एजेंसी की ओर से किया जाएगा। नगर परिषद ने संबंधित एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी कर दिया है, जिससे आगामी पांच वर्षों तक शहर की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सकेगी।
विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने हरी झंडी दिखाकर गाड़ियों को रवाना किया। विधायक ने बताया कि कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। साथ ही क्यूआर कोड घर घर लगवाएं जाएंगे ताकि ठीक से निगरानी हो सके।
कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाया जाएगा, जिससे सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा। वहीं, उम्मीद जताई जा रही है कि नई व्यवस्था लागू होने से शहर को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी और लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्या से राहत मिलेगी।
दिसंबर में नगर परिषद की ओर से कचरा संग्रहण और निस्तारण के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। घर-घर से कचरा उठाने, उसे अलग-अलग करने और प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाने के लिए 23 करोड़ 50 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया था। वहीं, ठोस कचरा निस्तारण के लिए रेवाड़ी और बावल क्षेत्र को मिलाकर 12 करोड़ 13 लाख 63 हजार 515 रुपये का टेंडर जारी किया गया था। ये दोनों ही टेंडर श्री श्याम फर्म को दिए गए हैं।
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कचरा उठान का कार्य संतोषजनक नहीं रहा
गौरतलब है कि इससे पहले शहर में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और निस्तारण का कार्य कर रही पुरानी एजेंसी का टेंडर करीब छह माह पहले समाप्त हो गया था। नए टेंडर प्रक्रिया में देरी होने के कारण नगर परिषद को मजबूरी में पुरानी एजेंसी से ही काम चलाना पड़ा। पुरानी एजेंसी का टेंडर 31 दिसंबर को समाप्त हो चुका था, इसके बाद अस्थायी रूप से एक माह के लिए कार्य सौंपा गया था।हालांकि अस्थायी व्यवस्था के दौरान कचरा उठान का कार्य संतोषजनक नहीं रहा। कई वार्डों में समय पर कचरा नहीं उठने से सड़कों और गलियों में गंदगी के ढेर लग गए थे।