रेवाड़ी। शहर में कूड़ा उठान में एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। नगर परिषद से ठेका लेने वाली एजेंसी ने वाहनों में खुले में कचरा ढो रही है जिससे दुर्गंध फैल जाती है। इससे लोगों को परेशानी होती है। नियमानुसार कचरे को हरे कपड़े से ढककर ले जाना चाहिए।
कूड़े कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर भीड़भाड़ वाले इलाकों से गुजर रहे हैं जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महाराणा प्रताप चौक पर कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली चार घंटे तक खड़ी रही जिससे पूरे क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल गई। ऐसे में राहगीरों और दुकानदारों को नाक बंद कर निकलना पड़ा।
शहर के मिनी बाइपास, कोनसीवास रोड और सेक्टर-4 बाईपास समेत कई इलाकों में सड़क किनारे अवैध रूप से कचरा और निर्माण मलबा डाला जा रहा है। इससे शहर की सुंदरता खराब हो रही है और पर्यावरण पर असर पड़ रहा है। ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों में भी कचरे का ढेर लगने से हरियाली खत्म होती जा रही है।
ब्रास मार्केट स्थित तिकोना पार्क में कचरे में आग लगाए जाने की घटना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। धुएं के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। वहीं, प्रदूषण बोर्ड केवल जुर्माने तक सीमित है।
टेंडर लगने के बाद भी नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था
घर-घर कचरा प्रबंधन के लिए 23.5 करोड़ रुपये का टेंडर होने के बाद भी सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी है। शहर में जगह-जगह गंदगी फैली हुई है। समय पर कचरा न उठने और सही तरीके से निस्तारण न होने से लोग परेशान हैं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और निर्माण मलबा निस्तारण से जुड़े नियमों की भी खुलेआम अवहेलना की जा रही है। कृष्णा नगर क्षेत्र और मिनी बाइपास के आसपास बड़ी मात्रा में घरेलू कचरा, प्लास्टिक और निर्माण मलबा सड़क किनारे डाला जा रहा है। इससे न केवल प्रदूषण बढ़ रहा है।
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कब-कब की गई कार्रवाई
अगस्त 2025 में रेवाड़ी नगर परिषद ने शहर में खुले में कचरा फेंकने और प्रतिबंधित प्लास्टिक उपयोग पर कार्रवाई की। 50 चालान काटे गए और करीब 17 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। अक्तूबर 2025 में एनजीटी की सख्ती के बाद धारूहेड़ा नगरपालिका ने खुले में कचरा फेंकने पर आम जनता और दुकानदारों को नोटिस जारी किया था। ठोस कचरे के निस्तारण नियमानुसार नहीं होने पर एनजीटी ने जुर्माना लगाया था। बाद में धन जमा न करने पर जांच भी हुई थी। इस वर्ष हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिला सचिवालय के पास कूड़ा डालने और जलाने को लेकर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पर 25 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया था। मई में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने गांवों में कचरा प्रबंधन में लापरवाही बरतने और आग लगाकर कूड़ा जलाने को लेकर ग्राम सचिवों से रिपोर्ट मांगी थी तथा भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं।
वर्जन :
मामला संज्ञान में नहीं था। अगर ट्रैक्टर-ट्राॅली में खुले रूप से कूड़ा ले जाया जा रहा है तो जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी। - कुशल, जेई, नगर परिषद रेवाड़ी।
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