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Rewari News: एनएफएचएस-6...रेवाड़ी में स्वास्थ्य बीमा कवरेज 25 से बढ़कर 75 प्रतिशत हुआ

Thu, 17 Sep 2026 11:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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सिविल अस्पताल रेवाड़ी। संवाद
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रेवाड़ी। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 (एनएफएचएस) के तहत रेवाड़ी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और मातृ स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। वहीं, छोटे बच्चों के पोषण और कुछ बीमारियों से जुड़े आंकड़े चिंताजनक हैं। स्वास्थ्य बीमा कवरेज 25.3 से बढ़कर 75 प्रतिशत हुआ है। एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 25.3 प्रतिशत था। पांच वर्ष की अवधि में 49.9 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज हुई है।
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सर्वेक्षण के अनुसार जिले में 99.8 प्रतिशत आबादी ऐसे घरों में रहती है, जहां बिजली उपलब्ध है, जबकि 99.4 प्रतिशत आबादी को बेहतर पेयजल स्रोत की सुविधा मिल रही है। 99.4 प्रतिशत परिवारों के किसी सदस्य का बैंक या डाकघर में खाता है।
महिलाओं की शिक्षा और डिजिटल पहुंच में भी बढ़ोतरी हुई है। 15 से 49 वर्ष की 66.6 प्रतिशत महिलाओं ने 10 या उससे अधिक वर्ष की पढ़ाई की है, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 76.4 प्रतिशत है। महिलाओं में कभी इंटरनेट इस्तेमाल करने का अनुपात 82.9 प्रतिशत और पुरुषों में 92.8 प्रतिशत रहा।
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वर्तमान में विवाहित 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में 80.9 प्रतिशत किसी न किसी परिवार नियोजन विधि का इस्तेमाल कर रही हैं। एनएफएचएस-5 में यह अनुपात 70.6 प्रतिशत था।
हालांकि, आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों का उपयोग 64.4 प्रतिशत से घटकर 58 प्रतिशत रह गया। इसके विपरीत पारंपरिक साधनों का उपयोग 6.2 प्रतिशत से बढ़कर 22.9 प्रतिशत हो गया। परिवार नियोजन की कुल अपूर्ण आवश्यकता भी 8.5 प्रतिशत से घटकर 4.8 प्रतिशत रह गई।
मातृ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कई संकेतक बेहतर हुए हैं। एनएफएचएस-6 के अनुसार 91.8 प्रतिशत माताओं ने गर्भावस्था की पहली तिमाही में जांच कराई, जबकि एनएफएचएस-5 में यह आंकड़ा 85.7 प्रतिशत था।
कम से कम चार प्रसव पूर्व जांच कराने वाली माताओं का अनुपात 63.8 से बढ़कर 83.7 प्रतिशत हो गया। गर्भावस्था के दौरान 100 दिन या उससे अधिक आयरन-फोलिक एसिड लेने वाली माताएं 45.8 प्रतिशत से बढ़कर 71.5 प्रतिशत हो गईं।
जिले में 98.2 प्रतिशत प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में हुए। हालांकि, सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में होने वाले संस्थागत प्रसव का अनुपात 53.9 प्रतिशत से घटकर 45.5 प्रतिशत रह गया। सीजेरियन प्रसव का अनुपात 26 प्रतिशत से बढ़कर 32.7 प्रतिशत हो गया। निजी स्वास्थ्य संस्थानों में सीजेरियन प्रसव 42.1 प्रतिशत और सरकारी संस्थानों में 23.2 प्रतिशत रहा।

बच्चों का टीकाकरण बेहतर, दस्त के मामले बढ़े
12 से 23 माह के बच्चों में पूर्ण टीकाकरण का अनुपात 79.3 प्रतिशत से बढ़कर 84.7 प्रतिशत हुआ। किसी भी प्रकार का टीका लगवाने वाले बच्चों का अनुपात 96.1 प्रतिशत रहा। हेपेटाइटिस-बी की जन्म खुराक पाने वाले बच्चों का अनुपात भी 79 प्रतिशत से बढ़कर 96.1 प्रतिशत हो गया। हालांकि, बच्चों में पिछले दो सप्ताह में दस्त की समस्या का आंकड़ा 2.7 प्रतिशत से बढ़कर 11.9 प्रतिशत हो गया। बच्चों को पिछले छह माह में विटामिन-ए की खुराक मिलने का अनुपात 83.2 प्रतिशत से घटकर 63.8 प्रतिशत रहा।

पर्याप्त आहार पाने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी
6 से 23 माह के बच्चों में पर्याप्त आहार पाने वालों का अनुपात 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 18.7 प्रतिशत हुआ है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में ठिगनेपन का अनुपात 25.9 से घटकर 24.1 प्रतिशत हुआ, जबकि गंभीर रूप से कम वजन या लंबाई से जुड़े कुछ संकेतकों में भी बदलाव दर्ज हुआ। हालांकि, कम वजन वाले बच्चों का अनुपात 20.5 से बढ़कर 22.3 प्रतिशत और दुबलेपन यानी वेस्टिंग का अनुपात 9.3 से बढ़कर 14.4 प्रतिशत हुआ है। सर्वेक्षण के आंकड़े बताते हैं कि रेवाड़ी में स्वास्थ्य बीमा, मातृ स्वास्थ्य, टीकाकरण और बच्चों के पर्याप्त आहार जैसे क्षेत्रों में सुधार हुआ है, लेकिन बच्चों में दस्त, वेस्टिंग और कम वजन जैसे पोषण संबंधी संकेतकों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत दिखाई देती है।

प्रमुख आंकड़ों में कितना बदलाव

संकेतक-एनएफएचएस-5- एनएफएचएस-6- बदलाव
स्वास्थ्य बीमा/योजना कवरेज 25.3% 75.2% 49.9 अंक बढ़ा
पहली तिमाही में प्रसव पूर्व जांच 85.7% 91.8% 6.1 अंक बढ़ा
कम से कम 4 प्रसव पूर्व जांच 63.8% 83.7% 19.9 अंक बढ़ा
100 दिन या अधिक आयरन-फोलिक एसिड 45.8% 71.5% -25.7 अंक बढ़ा
संस्थागत प्रसव 98.7% 98.2% 0.5 अंक घटा
सीजेरियन प्रसव 26.0% 32.7% 6.7 अंक बढ़ा
किसी भी परिवार नियोजन विधि का उपयोग 70.6% 80.9% 10.3 अंक बढ़ा
आधुनिक परिवार नियोजन विधि -64.4% 58.0% 6.4 अंक घटा
पारंपरिक परिवार नियोजन विधि 6.2% 22.9% -16.7 अंक बढ़ा
परिवार नियोजन की अपूर्ण आवश्यकता 8.5% -4.8% -3.7 अंक घटा
पूर्ण टीकाकरण 79.3% 84.7% 5.4 अंक बढ़ा
बच्चों में दस्त 2.7% 11.9% -9.2 अंक बढ़ा
बच्चों में वेस्टिंग 9.3% 14.4% -5.1 अंक बढ़ा
बच्चों में स्टंटिंग 25.9% -24.1% 1.8 अंक घटा
पर्याप्त आहार पाने वाले 6-23 माह के बच्चे 6.1% -18.7% -12.6 अंक बढ़ा
कम वजन वाले 5 वर्ष से कम बच्चे 20.5% -22.3% -1.8 अंक बढ़ा

वर्जन:
बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए नियमित टीकाकरण के साथ उनके पोषण और खानपान पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। दस्त जैसी बीमारियों से बचाव के लिए स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और हाथ धोने की आदत को बढ़ावा देना जरूरी है। -डॉ. ज्ञानेंद्र मिश्रा, उप सिविल सर्जन, आरबीएसके, रेवाड़ी।
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