रेवाड़ी। जिले के पांच गांवों में नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर जारी कर दिए हैं। बावल ब्लॉक के अलावलपुर, सुलखा, रेवाड़ी ब्लॉक के खड़गवास और खोल ब्लॉक के मनेठी व माजरा गांव में नए उप स्वास्थ्य केंद्र बनने से स्वास्थ्य सेवाएं सुधरेंगी।
प्रत्येक उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण पर 46.5 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। उप स्वास्थ्य केंद्रों के बनने से गांवों के लोगों को प्राथमिक उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
उप स्वास्थ्य केंद्रों में सामान्य रोगों की जांच, प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और देखभाल, बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण सहित कई आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का मानना है कि गांव स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों का भार कम होगा। आपात स्थिति में मरीजों को समय से उपचार मिल सकेगा।
उप स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना के लिए आबादी आधारित मानक निर्धारित हैं। सामान्य मैदानी क्षेत्रों में पांच हजार की आबादी पर एक उप स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किया जाता है। पहाड़ी, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में तीन हजार की आबादी पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
12 स्वास्थ्य केंद्रों को मिली मंजूरी
हरियाणा सरकार ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 12 स्वास्थ्य केंद्रों को मंजूरी दी है। इनमें पांच स्वास्थ्य संस्थानों का स्तर उन्नत किया जाएगा। सात नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की सिफारिश पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री नायाब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद भाड़ावास और धारूहेड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड किया जाएगा। कई सब-हेल्थ सेंटरों को पीएचसी का दर्जा मिलेगा। मीरपुर, आशियाकी टप्पा, जरथल, भांडोर, नठेड़ा और सुरखपुर में नए उप स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और मजबूत होगी।