रेवाड़ी। मार्केट कमेटी की ओर से कोसली व रेवाड़ी में बाजरे की खरीद के लिए गांववार साप्ताहिक शेड्यूल जारी किया गया है। इसके अनुसार 19 से 24 अक्तूबर तक अलग-अलग गांवों के किसान निर्धारित दिनों में अपनी फसल मंडी में लेकर आ सकेंगे। इसका उद्देश्य मंडी में फसल की आवक को व्यवस्थित करना और किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा प्रदान करना है।
रेवाड़ी मार्केट कमेटी की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार 19 अक्तूबर सोमवार को रेवाड़ी, चिताडूंगरा, बवाना गुर्जर, टीट, कुंडल, हरजीपुर, ढाणी सांतो, रोलियावास, आलियावास, माखरिया, राजपुरा ईस्तमुरार, धामलावास, तिहाड़ा, आनंदपुर, बगथला, साल्हावास, पांचौर, डवाना और सांपली गांवों के किसान फसल ला सकेंगे।
20 अक्तूबर मंगलवार को गोबिंदपुरी, आराम नगर, कनुका, भांडौर, पुन्सिका, नंगली गोधा, राजियाकी, गोलियाकी, गुमीना, खेड़ी मोतला, मुकंदपुर बसई, धामलाका, जांटी, जाटूवास, जलियावास, ड्योढ़ई, राजपुरा खालसा, धामलावास, पिथड़ावास, ढोकिया, डुमावास, गांगोली, घुड़ावास और बावल गांवों के किसानों के लिए खरीद शेड्यूल रहेगा।
21 अक्तूबर बुधवार को शेखपुर, नांगल शबाजपुर, खिजूरी (बावल), अलावलपुर (बावल), नंगली परसापुर, दुल्हेड़ा कलां, दुल्हेड़ा खुर्द, बिदावास, जयसिंहपुर खेड़ा, चित्रपुरी, हुसैनपुर, खरखरी भीवा, दाना आलमपुर, नारायणपुर, लालपुर, बेरवाल, बधराना और प्रागपुरा गांवों के किसान अपनी फसल ला सकेंगे।
22 अक्तूबर को झांझनवास, पीवरा, पोखरपुर, कुतुबपुर मौला, कुतुबपुर जागीर, राजपुरा खालसा, रसुली, श्रीनगर, कुमरोथा, मायण, बिटोडी, सांझरवास, चांदूवास, रामसिंहपुरा, कसौला कसौली, कान माजरा, कालूवास, धारण और मोहम्मदपुर गांवों के किसानों के लिए खरीद शेड्यूल रहेगा।
23 अक्तूबर शुक्रवार को बिशनपुर, नांगल उगरा, नांगल तेजू, साबन, हरचंदपुर, कालडावास, भैरामपुर भडंगी, खरखरी, आसरा का माजरा, राजगढ़, माजरी दूदा, रूद्ध, चिरहाड़ा और नरसिंहपुर गढ़ी गांवों के किसान अपनी फसल ला सकेंगे।
24 अक्तूबर शनिवार को ओढ़ी, खेड़ी धरचाना, रणसी माजरा, खुरमपुर, गुजर माजरी, कमालपुर (बावल), खेड़ी डालूसिंह, केशवपुर, सैदपुर उर्फ जैतपुर, भहरागपुर, भगवानपुर (बावल), रसियावास, जलालपुर, गोबिंदपुर (बावल), चौकी नंबर एक, सुठानी और सुठाना गांवों के किसान अपनी फसल मंडी में ला सकेंगे।
मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही अपनी फसल मंडी में लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सुबह आठ बजे से मंडी में ला सकेंगे बाजरा
मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित शेड्यूल के अनुसार ही अपनी फसल मंडी में लेकर आएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। किसान अपने गांव के निर्धारित दिन सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक बाजरा मंडी में ला सकेंगे। खरीद उन्हीं किसानों की होगी, जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया है और जिनका रिकॉर्ड ई-खरीद पोर्टल पर सत्यापित है। किसानों से अपील की गई है कि वे बाजरे को अच्छी तरह सुखाकर और साफ करके लाएं, ताकि खरीद के दौरान परेशानी न हो। गेट पास बनवाने के लिए आधार कार्ड साथ लाना अनिवार्य है।
कोसली में गांववार खरीद कार्यक्रम
19 अक्तूबर: धारौली, लिलोढ़, गादला, कोसली, खुशपुरा, नाहड़, कटोपुरी, मोहदीनपुर, तुम्बाहेड़ी, दड़ौली, दहीना, सुरखपुर, गोठड़ा टप्पा दहिना, जखाला, मुरलीपुर, गुरावड़ा, कंवली।
20 अक्तूबर: सुमाखेड़ा, कान्हड़वास, गोरिया, बहोतवास भोन्दु, कुमरोधा, फतेहपुरी, नेहरूगढ़, मदोंला, सी, झाल, शादीपुर, लोहाना, बालधन।
21 अक्तूबर: सुधराना, चौकी नंबर-2, भाकली, बेरली, बाबड़ौली, साल्हावास, बिसोहा, दुमना, काहड़ी, अंबोली, बहाला, रोहड़ाई, बव्वा, बाबेपुर, जटवाड़ा, लुखी, बिटौड़ी, गुड़ियानी, लिसान, मसीत, दखौरा, बैहरमपुर।
22 अक्तूबर: गुजरवास, जाहिदपुर, दिदौली, ढोकिया, झाड़ौदा, झोलरी, कारोली, जुड्डी, परखोतमपुर, धनिया, लड़ायन, खुर्शीदनगर, जैतपुर, भडंगी, ढाणी ठेठराबाद, गुरावड़ा गुगोढ़, अहरोद, आशियाकी गोरावास।
23 अक्तूबर: नयागांव जाटों वाला, नठेड़ा, सुरेहली, मुमताजपुर, लाला, कोहारड़, जैनाबाद, बोहका, रामपुरी, औांत, हांसावास, रतनथल, बास, बुड़ौली, श्यामनगर, गोपालपुर गाजी, बिठला।
24 अक्तूबर: राधा की ढाणी, गढ़ी, मुंदड़ा, उष्मापुर, सैदपुर, चांग, जीवड़ा, करावरा मानकपुर, खालेटा, लूला अहीर, शहादतनगर, ढाणा, मुरथला, श्रीनगर, कोलाना की ढाणी, निमोठ, चांदनवास, गोठड़ा।
मंडी में व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती:
नई अनाज मंडी में बाजरे की खरीद के लिए गांववार शेड्यूल जारी होने के बावजूद किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइनें लग रही हैं। फसल बेचने के लिए मंडी पहुंच रहे किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। इससे मंडी में व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है। पूरे दिन जाम लगा रहता है।