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Rewari News: शिक्षा से जोड़ने की नई पहल, स्कूल से बाहर बच्चों को भी मिलेगा मिड-डे मील

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फोटो :1स्कूल में दोपहर का भोजन खाते विद्यार्थी। संवाद
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सौरभ जायसवाल
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रेवाड़ी। अब जिले में वे बच्चे भी मिड-डे मील से वंचित नहीं रहेंगे जो किसी कारणवश विद्यालय नहीं आ पा रहे हैं। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से जारी आदेश के तहत ऐसे बच्चों को भी छह माह तक मिड-डे मील दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य स्कूल से बाहर बच्चों को पोषण के साथ-साथ शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, यह वे बच्चे हैं जिनका नाम स्कूल पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पाया या फिर दाखिला होने के बावजूद वे नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे। विभाग ने ऐसे बच्चों को आउट ऑफ स्कूल श्रेणी में शामिल किया है। इन बच्चों को छह महीने तक न सिर्फ मिड-डे मील मिलेगा बल्कि अक्षर ज्ञान और आधारभूत शिक्षा भी दी जाएगी।
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योजना के तहत 15 सितंबर से 15 मार्च 2026 तक विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान इन बच्चों को शिक्षा का महत्व, अक्षर पहचान और शब्द ज्ञान सिखाया जाएगा ताकि छह महीने बाद इन्हें सहजता से नियमित स्कूलों में दाखिला दिलाया जा सके।
विभाग का मानना है कि जब बच्चों को मिड-डे मील जैसी सुविधा मिलेगी तो वे शिक्षा की ओर अधिक आकर्षित होंगे और स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति में कमी आएगी। यह पहल शिक्षा परियोजना परिषद के समग्र शिक्षा अभियान का हिस्सा है।
मिड-डे मील के साथ बच्चों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा और उन्हें स्कूल आने के लिए प्रेरित किया जाएगा। योजना से न केवल बच्चों को पौष्टिक आहार मिलेगा बल्कि उनकी पढ़ाई की राह भी आसान होगी।



मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश
कार्यक्रम के तहत जिले में 12 केंद्र चलाए जाएंगे जो संबंधित क्षेत्र के ही विद्यालयों में संचालित होंगे। इन केंद्रों पर प्रतिदिन विद्यालय लाकर मिड-डे मील दिया जाएगा। फिलहाल जिले के 358 विद्यालयों में लगभग 36 हजार विद्यार्थी नियमित रूप से मिड-डे मील का लाभ उठा रहे हैं। अब इस नई व्यवस्था से पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी पोषण का लाभ मिलेगा और उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जाएगा।
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वर्जन :

स्कूल आउट बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ऐसे बच्चों की तलाश की जा रही है। योजना के तहत छह महीने बच्चों को खाना दिया जाना है। -कृष्ण, एपीसी, शिक्षा विभाग रेवाड़ी।
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