रेवाड़ी नगर परिषद का पुराना भवन। संवाद
रेवाड़ी। रेवाड़ी नगर परिषद को अपना नया भवन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में अलॉटमेंट लेटर जारी होने के बाद कागजी कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। नया भवन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की बाईपास स्थित जमीन पर बनेगा। भवन पर 67 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
करीब 1.92 एकड़ जमीन पर 5 मंजिला भवन तैयार होगा। 12 दिसंबर को केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह इसका शिलान्यास करेंगे। वर्तमान में नगर परिषद का कार्यालय भाड़ावास गेट के पास पुराने भवन में स्थित है। इस भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है जिससे कार्य प्रभावित होता है।
नया भवन भविष्य की कार्य योजना को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जाएगा। नए भवन के निर्माण से नगर परिषद को आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी। इनमें कर्मचारियों के लिए बैठने की पर्याप्त जगह और पार्किंग भी शामिल है। मौजूदा भवन जर्जर अवस्था में जा चुका है।
बारिश होने पर पानी कमरों में चला जाता है। इससे रिकॉर्ड भी खराब होने का डर बना रहता है। इधर नगर परिषद को नगर निगम बनाने पर भी चर्चा तेज है। ऐसे में भवन उसी हिसाब से तैयार किया जाएगा।
वर्ष 1994 में नगर पालिका से नगर परिषद बनाया गया था : अंग्रेजों के जमाने में रेवाड़ी में नगर पालिका थी। पूर्व विधायक रघु यादव ने वर्ष 1987 में राव तुलाराम पार्क में आयोजित जनसभा में तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल के समक्ष रेवाड़ी को अलग जिला बनाने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने विधायक की मांग पर एक नवंबर 1989 को रेवाड़ी को नया जिला घोषित किया था।
अलग से जिला बनने के बाद वर्ष 1994 में रेवाड़ी को नगर पालिका से नगर परिषद बनाया गया था। जुलाई 1995 में रेवाड़ी नगर परिषद के पहली बार चुनाव हुए। चुनाव की घोषणा के समय 22 वार्ड पर चुनाव होने की घोषणा की गई लेकिन बाद में 24 वार्ड के चुनाव कराए गए थे। वर्तमान समय की बात की जाए तो रेवाड़ी नगर परिषद में 31 वार्ड हैं।
वार्डबंदी होने के बाद 32 वार्ड हो गए हैं। वहीं, पहले चुनाव के समय रेवाड़ी नगर परिषद की आबादी 96 हजार व 22 वोट हुआ करते थे लेकिन वर्तमान समय में रेवाड़ी नगर परिषद की आबादी लगभग 2 लाख 63 हजार है।