संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। कुतुबपुर निवासी नेहा (42) ने घर के आंगन और बालकनी को बगिया का रूप दे दिया है। हरियाली के प्रति उनके प्रेम ने घर के हर कोने को रंग-बिरंगे पौधों और प्राकृतिक सुंदरता से सजा दिया है। करीब 10 वर्षों से वे लगातार पौधे लगा रही हैं और उनकी देखभाल कर रही हैं। आज उनके घर की बगिया लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।
नेहा बताती हैं कि उन्हें बचपन से ही पौधों का शौक था। धीरे-धीरे उन्होंने छोटे गमलों से शुरुआत की और समय के साथ अपनी बगिया को बड़ा रूप दिया। अब उनके घर में सजावटी पौधों के अलावा तुलसी, मनी प्लांट, एलोवेरा और कई अन्य पौधे लगे हुए हैं। सुबह और शाम वे नियमित रूप से पौधों की देखभाल करती हैं। पानी देना, सूखे पत्ते हटाना और पौधों को साफ रखना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है।
उन्होंने बताया कि पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए वे घर में निकलने वाले किचन वेस्ट का उपयोग करती हैं। सब्जियों और फलों के छिलकों से जैविक खाद तैयार कर पौधों में डालती हैं। उनका मानना है कि इससे पौधे स्वस्थ रहते हैं और रासायनिक खाद की जरूरत कम पड़ती है। इससे घर का कचरा भी उपयोग में आ जाता है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
वातावरण भी स्वच्छ और सुंदर बनेगा
नेहा का कहना है कि पौधे सिर्फ घर की सुंदरता नहीं बढ़ाते बल्कि मन को भी सुकून देते हैं। दिनभर की भागदौड़ और तनाव के बीच कुछ समय पौधों के साथ बिताने से मानसिक शांति मिलती है। वे मानती हैं कि हर व्यक्ति को अपने घर में कम से कम कुछ पौधे जरूर लगाने चाहिए। बताया कि यदि हर घर में हरियाली बढ़ेगी तो वातावरण भी स्वच्छ और सुंदर बनेगा।
नियमित पानी देना जरूरी
बावल चौक स्थित नर्सरी संचालक विनोद कुमार ने बताया कि पौधों की अच्छी देखभाल के लिए उन्हें नियमित रूप से पानी देना जरूरी है लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी नहीं देना चाहिए। पौधों को पर्याप्त धूप और ताजी हवा मिलनी चाहिए। समय-समय पर सूखी पत्तियों और टहनियों को हटाते रहना चाहिए। पौधों की अच्छी वृद्धि के लिए जैविक खाद का उपयोग करना बेहतर होता है। घर के किचन वेस्ट जैसे सब्जियों और फलों के छिलकों से बनी खाद भी उपयोगी रहती है। पौधों में कीट या बीमारी दिखने पर तुरंत उपचार करना चाहिए। नियमित देखभाल से पौधे हरे-भरे और स्वस्थ बने रहते हैं।