रेवाड़ी। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने आमजन को साइबर अपराधों से बचने के लिए जिप फाइलों से सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने बताया कि साइबर ठग लोगों को निशाना बनाने के लिए खतरनाक फाइलें भेज रहे हैं। ये फाइलें मोबाइल, ई-मेल और सोशल मीडिया के माध्यम से आती हैं।
ठग फर्जी बिल, बैंक दस्तावेज, सरकारी नोटिस या आकर्षक नौकरी के ऑफर का बहाना बनाते हैं। इन संपीड़ित फाइलों में वायरस, हानिकारक सॉफ्टवेयर या अन्य प्रोग्राम छिपे हो सकते हैं। बिना जांच के इन्हें खोलने या डाउनलोड करने से मोबाइल या कंप्यूटर हैक हो सकता है। इससे साइबर अपराधी निजी जानकारी, बैंक विवरण और पासवर्ड चोरी कर सकते हैं। अज्ञात नंबर, ई-मेल या सोशल मीडिया से मिली संपीड़ित फाइलों को बिना सत्यापन के न खोलें। फाइल भेजने वाले की पहचान की पुष्टि करना आवश्यक है।
फर्जी संदेशों, नकली बिलों और आकर्षक ऑफर वाली फाइलों पर भरोसा न करें। यदि किसी संपीड़ित फाइल में .ईएक्सई या .एपीके जैसी अनजान फाइल दिखे तो उसे न खोलें या इंस्टॉल न करें। मोबाइल और कंप्यूटर के सुरक्षा अपडेट तथा एंटीवायरस को नियमित रूप से अपडेट रखें। साइबर ठगी, डेटा चोरी या मोबाइल हैकिंग का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। शिकायत साइबर अपराध पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है। संवाद