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राष्ट्रीय लोक अदालत: 15543 मुकदमों का निपटारा, 9 करोड़ की राशि का हुआ भुगतान

Mon, 16 Sep 2024 08:53 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)

सार

लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों पर बाध्यकारी व अंतिम होता है। लोक अदालत में सुलह द्वारा प्राप्त निर्णय से आपसी द्वेष भावना मिटती है।
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रेवाड़ी में लोक अदालत। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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हरियाणा के रेवाड़ी में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अमित वर्मा की देखरेख में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुनीता ग्रोवर, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र पाल, मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी रेनू सोलखे, प्रदीप कुमार सिविल जज बावल, सिविल जज विश्वास खटक की लोक अदालतों में मामलों का मौके पर ही आपसी सहमति से निपटारा किया गया।

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इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 88 मोटर दुर्घटना मुआवजा के मामलों का निपटारा करते हुए 8 करोड़ 99 लाख 82 हजार 944 रुपये मोटर दुर्घटना में मृतकों के आश्रितों व घायलों को वितरित किए गए। 237 मामलों का निपटारा करते हुए  21 लाख 73 हजार 417 रुपये की राशि को स्वीकृत किया गया।

इसी तरह 25 चेक बाउंस, 26 दीवानी मामले व 327 बिजली के मामले व अन्य मामलों का भी निपटारा किया गया। गौरतलब है कि इस लोक अदालत के दौरान जिला में 15543 मुकदमों का निपटारा किया गया तथा कुल 9 करोड़ 63 लाख 43 हजार 68 रुपये की राशि का भुगतान हुआ।
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राष्ट्रीय लोक अदालत में जजों ने वादकारियों से बातचीत की, उनके मुकदमों तथा पेश आने वाली कठिनाइयों के बारे में जाना। सभी को ज्यादा से ज्यादा समय देकर उनके केसों के निपटारे के लिए भरसक प्रयास किया। गौरतलब है कि लोक अदालत के माध्यम से वादों का निपटारा जल्द कराया जा सकता है तथा लोक अदालत के माध्यम से सुलझाए गए मामलों में आगे कोई अपील व पुनरीक्षण दायर नहीं की जा सकती जिससे समय व धन दोनों की ही बचत होती है। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने चलाया हेल्पलाइन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अमित वर्मा ने बताया कि लोक अदालत के निर्णय से किसी भी पक्ष की हार जीत नहीं होती बल्कि दोनों पक्षों के साथ उचित न्याय होता है। उन्होंने बताया कि लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों पर बाध्यकारी व अंतिम होता है। लोक अदालत में सुलह द्वारा प्राप्त निर्णय से आपसी द्वेष भावना मिटती है।

इसके अलावा वर्मा ने यह भी बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रेवाड़ी द्वारा एक हेल्पलाइन नंबर 01274-220 062 चलाया हुआ है जिस पर आम जन किसी भी प्रकार के कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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