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Rewari News: आज मिलेगी नमो वन की सौगात, लगाए जाएंगे 72 प्रजातियों के पौधे

Wed, 16 Sep 2026 11:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते जिला वन अधिकारी दीपक नंदा। स्रोत : प्रशासन
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रेवाड़ी। सेवा संकल्प अभियान के तहत रेवाड़ी को वीरवार को नमो वन की सौगात मिलेगी। एनएच-11 और एनएच-8 के सर्कल पॉइंट पर करीब दो हेक्टेयर भूमि में विकसित किए जाने वाले नमो वन का शुभारंभ वीरवार को सुबह 11 बजे भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता और वन, पर्यावरण एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह करेंगे।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता होंगी। रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. वंदना पोपली विशिष्ट अतिथि होंगी।
जिला वन अधिकारी दीपक नंदा ने प्रस्तावित नमो वन क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद बताया कि नमो वन में सघन वन विकसित करने के लिए मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में 72 प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। मियावाकी तकनीक में पौधों को अपेक्षाकृत कम क्षेत्र में सघन रूप से लगाया जाता है, जिससे वन क्षेत्र को तेजी से विकसित करने में मदद मिलती है।
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उन्होंने बताया कि नमो वन को रिकॉर्ड समय में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यावरण संरक्षण के साथ हाईवे से गुजरने वाले लोगों के लिए यह क्षेत्र आकर्षण का केंद्र और पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित हो सकेगा। इससे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इस दौरान वन रेंज अधिकारी संदीप यादव, वन दरोगा संजय यादव और हरेंद्र यादव मौजूद रहे।

क्या है नमो वन और क्या होगा फायदा
नमो वन का उद्देश्य शहरों और राजमार्गों के आसपास हरित क्षेत्र को बढ़ाना और स्थानीय स्तर पर सघन वन विकसित करना है। इसके लिए कम क्षेत्र में अधिक संख्या में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए जाते हैं। रेवाड़ी में प्रस्तावित नमो वन को मियावाकी तकनीक से विकसित किया जाएगा। इस तकनीक में पौधों को सघन रूप से लगाया जाता है, जिससे कम जगह में तेजी से हरित क्षेत्र तैयार किया जा सकता है। नमो वन विकसित होने से क्षेत्र में हरियाली बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर ऑक्सीजन छोड़ते हैं और वायु गुणवत्ता सुधारने में योगदान देते हैं। सघन पौधरोपण से धूल और प्रदूषण को कम करने तथा स्थानीय तापमान को नियंत्रित करने में भी मदद मिल सकती है। पेड़-पौधे पक्षियों और छोटे जीवों के लिए आवास उपलब्ध कराने में भी सहायक होते हैं। रेवाड़ी में हाईवे के पास विकसित होने वाला नमो वन शहर में प्रवेश करने वाले लोगों के लिए हरित पट्टी के रूप में भी काम कर सकता है। पर्याप्त विकास के बाद इसे लोगों के लिए आकर्षण और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ शहर की सुंदरता बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
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