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Rewari News: नाम मॉडल स्कूल, कमरों की कमी से डेढ़ साल से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित

Tue, 12 May 2026 11:27 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
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राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय में कमरों की कमी के बीच पढ़ाई करते विद्यार्थी। संवाद
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रेवाड़ी। गांव ततारपुर इस्तमुरार स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय नाम का तो मॉडल स्कूल है लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। विद्यालय में कमरों की कमी के कारण डेढ़ साल से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले कक्षाएं कम होने से स्कूल प्रशासन को दो शिफ्टों में पढ़ाई करवानी पड़ रही है।
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पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक संचालित की जाती है। इसमें 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। वहीं दूसरी शिफ्ट दोपहर 12 बजकर 45 मिनट से शाम सवा 6 बजे तक चलती है जिसमें पहली से आठवीं कक्षा तक के बच्चे पढ़ाई करते हैं। दोपहर की भीषण गर्मी में छोटे बच्चों की पढ़ाई को लेकर अभिभावकों में नाराजगी है।
तेज धूप और गर्म मौसम में बच्चों को स्कूल भेजना मुश्किल हो रहा है। इसी कारण इस सत्र में करीब 100 विद्यार्थियों ने अपने दाखिले वापस ले लिए हैं। विद्यालय में वर्तमान में 26 कमरों की आवश्यकता है जबकि केवल 14 कमरे ही उपलब्ध हैं। हालात ऐसे हैं कि कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं को अस्थायी कक्षाओं में तब्दील करना पड़ा है।
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इससे विद्यार्थियों को न तो समय पर प्रयोगशाला की सुविधाएं मिल पा रही हैं और न ही कंप्यूटर शिक्षा सुचारू रूप से संचालित हो रही है। दो शिफ्टों में पढ़ाई होने से शिक्षकों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। वहीं विद्यालय भवन का निर्माण कार्य लंबे समय से ठप पड़ा हुआ है जिसके कारण समस्या लगातार गहराती जा रही है।

इंसेटसंसाधनों के अभाव में जूझ रहा मॉडल स्कूल
विद्यालय परिसर में 22 कमरों का निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष से ठप है। हालांकि एक महीने से निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ है लेकिन इसकी गति काफी धीमी है। यदि समय रहते भवन निर्माण पूरा कर लिया जाता तो विद्यार्थियों को आज इस तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।कुल मिलाकर मॉडल स्कूल का दर्जा मिलने के बावजूद विद्यालय में मूलभूत संसाधनों की भारी कमी बनी हुई है। एक ओर बच्चों को आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने के दावे किए जाते हैं। वहीं दूसरी ओर वास्तविक स्थिति यह है कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त कमरे तक उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

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विद्यार्थियों की पढ़ाई हो रही प्रभावित :
विद्यार्थियों ने बताया कि दो शिफ्टों में पढ़ाई से उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। सुबह पढ़ने वाले छात्रों को सीमित समय में पाठ्यक्रम पूरा करना पड़ता है। वहीं दोपहर की शिफ्ट में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को देर शाम तक स्कूल में रहना मुश्किल लगता है। गर्मियों में यह स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण साबित होती है। अगर शिक्षा विभाग ने जल्द व्यवस्था ठीक नहीं कराई तो काफी समस्या हो सकती है। इसे लेकर स्कूल के शिक्षक अभी से चिंतित हैं।


वर्जन :
कमरों की कमी की वजह से अभी दो शिफ्टों में कक्षाएं संचालित करनी पड़ रही हैं। फिर भी जैसे तैसे पढ़ाई करवाई जा रही है। मौजूदा स्थिति से उच्च अधिकारियों को हमने अवगत कराया हुआ है।
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-विनोद मेहता, प्राचार्य, राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय, ततारपुर इस्तमुरार
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