मनेठी स्थित राजीव गांधी खेल परिसर। संवाद
रेवाड़ी। जिले के धारूहेड़ा खेल परिसर को छोड़कर अन्य चार राजीव गांधी खेल परिसर छह माह में नए रूप में नजर आएंगे। लंबे समय से जर्जर बिल्डिंग, क्षतिग्रस्त मैदान, टूटी दीवारें और खराब लाइटिंग के कारण खिलाड़ियों को हो रही परेशानियों को दूर करने के लिए करीब 1 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य शुरू कराया गया है। पीडब्ल्यूडी की ओर से कोसली और आशियाकी पांचौर खेल परिसर में काम भी शुरू कर दिया गया है।
गुरावड़ा, आशियाकी पांचौर, मनेठी और कोसली खेल परिसरों में खिलाड़ियों को जल्द बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। लंबे समय से खिलाड़ी खेल परिसरों की खराब स्थिति को लेकर शिकायत कर रहे थे। भवनों के शीशे टूटे हुए हैं, कई जगह दरवाजे नहीं हैं और ट्रैक में गड्ढों के कारण खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है।
खिलाड़ियों को अपना खेल सामान भी रोजाना साथ लाना पड़ता है। खेल परिसरों की बदहाल स्थिति को लेकर लगातार मुद्दा उठने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू कराया है।
कार्यवाहक डीएसओ ममता देवी ने बताया कि चारों खेल परिसरों में मरम्मत कार्य शुरू हो चुका है। विभाग की ओर से तैयार सूची के अनुसार सभी जरूरी कार्य पूरे कराए जाएंगे। मैदानों और ट्रैक की स्थिति सुधारी जाएगी तथा जर्जर भवनों को भी दुरुस्त किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले तीन से चार माह में कार्य पूरा होने के बाद खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
इंसेट
ये कार्य किए जाएंगे
इन खेल परिसरों में भवनों की मरम्मत और रंग-रोगन, एथलेटिक ट्रैक और मैदानों को समतल करने, टूटी चहारदीवारी और दीवारों की मरम्मत, हाईमास्ट लाइट लगाने, मैदानों की सफाई तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने जैसे कार्य किए जाएंगे। खिलाड़ियों का कहना है कि रोशनी की उचित व्यवस्था नहीं होने से शाम के समय अभ्यास प्रभावित होता है। हाईमास्ट लाइट लगने के बाद खिलाड़ी रात तक सुरक्षित माहौल में अभ्यास कर सकेंगे।