संवाद न्यूज एजेंसी
बावल। कोरम के अभाव और गुटबंदी के चलते शुक्रवार को नगर पालिका बावल की बैठक रद्द हो गई। अब 26 मार्च को बैठक प्रस्तावित की गई है।
बैठक में प्रधान के साथ तीन पार्षद मौजूद थे, जबकि उप प्रधान के साथ 10 पार्षद रहे। पार्षदों का कहना है कि जब बैठक ही नहीं होगी तो विकास कार्य कैसे होंगे। पिछली बार भी बैठक में इसी प्रकार की स्थिति देखी गई थी। पार्षदों ने बताया कि मौजूदा समय में वार्डों में विकास कार्य रुके हैं। जनता विकास कार्य के बारे में पूछती है। जवाब देना मुश्किल हो रहा है। अगर एजेंडे पास नहीं होंगे तो विकास कार्य भी नहीं हो पाएंगे। इसके लिए एकजुट होने की जरूरत है।
पार्षद प्रतिनिधि ताराचंद ने कहा कि वार्ड में लोगों ने हमें चुना है। हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि राव तुलाराम पार्क के गेट और कॉलेज स्कूल के पास भी कूड़ा पड़ा रहता है। कई ऐसे कार्य हैं, जो होने काफी जरूरी हैं। मगर वह कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
26 तारीख को मीटिंग रखी गई:
नगर पालिका प्रधान वीरेंद्र ने कहा कि बजट पास नहीं होगा तो शहर का विकास नहीं हो सकेगा। कोरम पूरा न होने से मीटिंग नहीं हो सकी है। 26 मार्च को बैठक रखी गई है। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव के कस्बे में कार्य हो रहे हैं। मोती झील में बने रोड में घटिया सामग्री लगाने के कारण ठेकेदार की पेमेंट रोक दी गई है। उप प्रधान अर्जुन चौकन ने कहा कि धर्मशालाओं के कार्य भी रुके हैं। उसकी ग्रांट नहीं आ रही है। 24 दिसंबर की बैठक में 8 पार्षद विरोध कर रहे थे, अब 10 हो गए हैं। मनमर्जी तरीके से काम करने पर इसी प्रकार से समस्या होगी। साथ ही पिछले बजट की राशि का भी ठीक से उपयोग नहीं किया गया है।