रेवाड़ी। पेयजल संकट से आमजन को राहत देने के लिए नाबार्ड की टीम की ओर से जिले में होने वाले सभी नए विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें सबसे महत्वपूर्ण कार्य भविष्य में आमजन को जल संकट से बचने के लिए तीन नए जल घर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। टीम ने स्कीमों से संबंधित कार्य की प्रगति का भी अवलोकन किया।
उल्लेखनीय है कि बावल विधानसभा दक्षिण हरियाणा के अंतिम छोर पर है। इसलिए नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में यहां नहीं पहुंच पाता था और कुछ समय पहले सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग हरियाणा द्वारा यह अधिसूचना भी जारी कर दी गई थी कि अब नहरी पानी 24 दिन बंद रहेगा। केवल 16 दिन ही आएगा।
इसलिए नहरी पानी के अतिरिक्त भंडारण के लिए खलेटा (इससे लाभान्वित गांव मायन, बलवाड़ी, नन्धा, भालकी, माजरा भलखी, खोल, शोभा की ढाणी, कोलाना, अहरोद, नांगल जमापुर, पाडला, मनेठी, कुंड), खोरी (इससे संबंधित लाभान्वित गांव बटेड़ा, कढू भवानीपुर, आलियावास, रोलियावास, चिमनावास, शाहबाजपुर, सुंदरोज, सुंदरोज की ढाणी, राजपुरा, सांतो व मामडिया आसमपुर (इससे लाभान्वित गांव प्राणपुर, मामडिया आसमपुर, बवाना गुर्जर, हरजीपुर, टिंट पाली, चीता डूंगरा) में नए जल घर व अतिरिक्त भंडारण के लिए टैंक बनाए जाएंगे। हरियाणा सरकार में कैबिनेट एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री डॉक्टर बनवारी लाल की दूरवर्ती सोच से इन परियोजनाओं से जिले के विकास को नई गति मिलेगी और आमजन को पानी की समस्या से निजात मिलेगी सरकार द्वारा हर घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
नाबार्ड की टीम के सदस्यों में नवीन पुरी कंसलटेंट व जगजीत सिंह, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग बावल के कार्यकारी अभियंता रवींद्र गोठवाल, उप मंडल अभियंता विनोद बागड़ी, कनिष्ठ अभियंता प्रवीण कुमार आदि मौजूद रहे। इस दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों द्वारा नाबार्ड टीम को आश्वासन दिया गया कि तय समय सीमा में विभाग द्वारा यह कार्य पूरा करवा दिया जाएगा।