रेवाड़ी। जिला भर में बूंदाबांदी से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। बारिश की बूंदों के रूप में सोना बरसा है। इस हल्की बारिश से सरसों और गेहूं की फसल को काफी फायदा मिलेगा। यदि थोड़ी बारिश और हो तो सोने पर सुहागा का काम करेगी। यह बारिश खेती के लिए बहुत फायदेमंद है। शनिवार की तुलना में रविवार को सुबह के तापमान में 5 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है, जबकि तापमान में साढे़ छह डिग्री की गिरावट हुई है। जिले में रविवार को अधिकतम तापमान 14.5 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। वहीं मौसम में ठंडक बढ़ गई। किसानों का मानना है कि बारिश से उनकी फसल को जीवनदान मिला है। उनकी उम्मीद के अनुरूप फसल उत्पादन होने की संभावना बन गई है। शनिवार की रात अचानक मौसम ने करवट ली तथा पूर्वा हवा के साथ आए बादलों से रविवार की सुबह बूंदाबांदी के बाद हल्की बारिश का दौर शुरू हो गया।
जिले में देर रात से बादलों की आवाजाही के बीच सुबह दोपहर तक हुई बारिश के कारण आई मौसम में ठंडक ने जहां किसानों के चेहरों पर रौनक फिर से लौटा दी, वहीं किसान बारिश को गेहूं व सरसों की फसल के लिए फायदेमंद मान रहे हैं। क्षेत्र के किसानों ने बताया कि सर्दी के इस मौसम में यह बारिश ऐसे समय हुई है, जब किसानों को इसकी सर्वाधिक जरूरत थी, क्योंकि जनवरी के दूसरे सप्ताह में पड़ी जबरदस्त ठंड के बाद दिन के समय अचानक मौसम में आई तल्खी से किसानों की फसलें प्रभावित होने का भय बन गया था। बहरहाल बारिश से किसान काफी खुश हैं। किसानों ने रही बूंदाबांदी को कुदरत का एक तोहफा माना है, वहीं कृषि विभाग इस बारिश को रबी फसलों के लिए संजीवनी बता रहा है।
कृषि विभाग के एसडीओ डॉ. दीपक यादव ने बताया कि बारिश रबी की फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। फसलें बेहतर ढंग से पोषक तत्व ग्रहण कर अपना विकास कर पाएंगी। बारिश से किसानों की गेहूं व सरसों की फसल को खासा लाभ मिलेगा। इसके बाद पिछले वर्ष की तुलना में अधिक पैदावार होने की संभावना बन गई है।