संवाद न्यूज एजेंसी
कोसली। पंचायतों के विकास कार्यों को ई-टेंडरिंग के माध्यम से कराने के विरोध में मंगलवार को नाहड़, जाटूसाना एवं डहीना के सरपंचों ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले सरपंच नेहरू पार्क में एकत्रित हुए और जूलूस के रूप में डीसी कार्यालय पहुंचे। यहां पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान लघु सचिवालय के मुख्य गेट पर भारी पुलिस को तैनात किया गया। सरपंचों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
बता दें कि सरकार की ओर से दो लाख रुपये से अधिक की राशि के विकास कार्यों के लिए ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे प्रदेशभर के सरपंचों में रोष है। नाहड़, जाटूसाना व डहीना खंड के सरपंचों ने खंड कार्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। सरपंचों ने सोमवार को मुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री का पुतला फूंका था। मंगलवार को जिले के सभी सरंपच नेहरू पार्क में इकट्ठा हुए। उसके बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचें। सरपंचों ने डीसी अशोक कुमार को ई-टेंडरिंग वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। नाहड़ खंड के सरपंच एसोसिएशन के संरक्षक पह्लाद सिंह साहदत नगर व एसोसिएशन के प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार सरपंचों के खिलाफ माहौल बना रही है। सरकार जबरदस्ती सरपंचों पर ई-टेंडरिंग थोप रही है। सरकार ई-टेंडरिंग के माध्यम से अपनी जेब भरना चाहती है। सरकार विकास कार्यों को ठप करना चाहती है। गांवों में होने वाले विकास कार्यों में सरकार सरपंचों का हस्तक्षेप नहीं चाहती। इस अवसर पर एसोसिएशन संरक्षक पह्लाद सिंह, श्यामनगर सरपंच सुरेंद्र, बव्वा से सुनीता, जिला पार्षद विनोद गोला, सज्जन मुमताजपुर, राकेश गढ़ी, नरेंद्र गुड़ियानी, कोषाध्यक्ष अजीत जुड्ड़ी, इंद्रजीत झाड़ौदा, रणबीर कोहारड़, राकेश गढ़ी व विक्रम झाल मौजूद रहे।