रेवाड़ी। अनाज मंडी में मंगलवार को सरसों और गेहूं की आवक में बढ़ोतरी देखने को मिली। सरसों के कुल 750 गेट पास काटे जिसके साथ ही मंडी में करीब 18 हजार क्विंटल सरसों की आवक दर्ज की गई। हालांकि, कुल आवक के मुकाबले उठान की गति कुछ धीमी रही और दिनभर में लगभग 10 हजार क्विंटल सरसों का उठान किया जा सका।
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सरसों की आवक लगातार बनी हुई है जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा हो रही है। वहीं उठान की प्रक्रिया को और तेज करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं ताकि मंडी में अधिक समय तक फसल का भंडारण न करना पड़े और किसानों को जल्द भुगतान मिल सके।
वहीं गेहूं के 200 गेट पास जारी किए गए और कुल 7 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में पहुंचा। अच्छी बात यह रही कि जितनी गेहूं की आवक हुई, उतनी ही मात्रा की सरकारी खरीद भी सुनिश्चित की गई। गेहूं का उठान लगभग 5 हजार क्विंटल रहा जो पिछले दिनों की तुलना में संतोषजनक माना जा रहा है।
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मंडी में किसानों को इस बार तकनीकी दिक्कतों से राहत मिली है। अधिकारियों ने बताया कि आज पोर्टल पूरी तरह सुचारु रूप से चला जिससे गेट पास कटवाने और खरीद प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। सोमवार दिन पोर्टल में आ रही दिक्कतों के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है।
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वाहन नंबर प्लेट व बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य : डीसी
उपायुक्त अभिषेक मीणा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा रबी फसल खरीद के लिए मंडियों में नए मापदंड लागू किए गए हैं। इसके तहत अब गेट पास फोटो सत्यापन के लिए वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही किसान का बायोमेट्रिक सत्यापन भी जरूरी होगा। उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल बेचने के लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। सरकार द्वारा गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।मंडियों में मॉइस्चर मीटर, बारदाना और लिफ्टिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अपनी फसल को अच्छी तरह सुखाकर ही मंडी में लाएं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।