रेवाडी वन विभाग की ओर से डीसी राहुल हुडा को पत्र लिखकर क्षेत्र में धारा 144 लगाने का अनुरोध किया गया है। इस पर डीसी ने कहा कि फिलहाल धारा 144 लागू कर भीड़ को नियंत्रित करने की स्थिति नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो हम धारा 144 भी लागू करेंगे।
राजस्थान से जिले में आए बाघ को पकड़ने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शनिवार को दूसरे दिन भी जारी है। शनिवार सुबह बाघ की मूवमेंट खरखड़ा ढाणी में बांध के पास हुई थी। विभाग की टीमों ने ड्रोन के जरिए ट्रैकिंग शुरू कर दी है। बाघ को पकड़ने के लिए पास के खेतों में पिंजरा और भैंस जाल बांध दिया गया है। रेवाडी के अलावा अलवर जिले की वन विभाग की टीमें बाघ की तलाश में जुटी हुई है।
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रेवाडी वन विभाग की ओर से डीसी राहुल हुडा को पत्र लिखकर क्षेत्र में धारा 144 लगाने का अनुरोध किया गया है। इस पर डीसी ने कहा कि फिलहाल धारा 144 लागू कर भीड़ को नियंत्रित करने की स्थिति नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो हम धारा 144 भी लागू करेंगे। बता दें कि पिछले 3 माह से नर बाघ (टाइगर) एसटी-2303 राजस्थान के अलवर जिले में पड़ने वाले वन मंडल रेंज किशनगढ़ बास अधीन वनखंड संध ईस्माईलपुर व समीपवर्ती क्षेत्र में घूम रहा था। जिसकी वन विभाग की टीम द्वारा ट्रैकिंग की जा रही थी।
खुशखेड़ा गांव में एक बुजुर्ग पर बाघ ने किया हमला
वीरवार की दोपहर इस बाघ ने राजस्थान के भिवाड़ी शहर के समीप खुशखेड़ा गांव में खेत में काम कर रहे 75 साल के बुजुर्ग रघुवीर पर हमला कर घायल कर दिया था। बाघ की और से हमले की पुष्टि ट्रैकिंग टीम ने की है। इसके बाद बाघ हरियाणा की सीमा की तरफ बढ़ गया और शुक्रवार की सुबह बाघ के हरियाणा में प्रवेश करने की सूचना मिली।
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बाघ के रेवाड़ी में घुसने पर राजस्थान सीमा के साथ लगते सभी ग्रामीण अलर्ट हो चुके हैं। साथ ही लोगों के दिन डर के साए में बीत रहे हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर वह खेत में जाएंगे तो बाघ उन पर हमला कर देगा।