बच्चों को नशे के खिलाफ जागरूक करते वक्ता। स्रोत : पुलिस
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नांगलमूंदी। नशा मुक्ति टीम की तरफ से सरकारी स्कूल गांव अहरोद, गांव बासदूदा का दौरा कर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और शिक्षा व खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। नशा न करने की शपथ भी दिलवाई गई।
नशामुक्ति टीम ने गांव में एक व्यक्ति की पहचान की है जो नशे से प्रभावित है। नशा मुक्ति टीम ने पीड़ित व्यक्ति की काउंसिलिंग करवाकर रेवाड़ी डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है। उसे इलाज के लिए प्रेरित किया है। इस अभियान के दौरान नशा मुक्ति टीम द्वारा अब तक नशे से पीड़ित 157 लोगों की पहचान की है जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित है। इसके अलावा 51 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि नशा एक ऐसी बुराई है जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ परिवार का जीवन खराब कर देता है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं वहीं पर कई युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है, जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है। उन्होंने कहा कि नशा बेचने वालों की असली जगह जेल में हैं। इसलिए नशे का कारोबार करने वालों की सूचना पुलिस को दें, पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।