रेवाड़ी। जिले के गांव चिल्हड़ में परिवार के साथ किराए के मकान में रह रही एक 12 साल की बच्ची ने मोबाइल चलाने से रोकने व मां की डांट के बाद घर छोड़ दिया और शहर में पहुंच गई। रात को गश्त कर रहे पुलिसवालों को बच्ची मिल गई। बच्ची से जानकारी लेने के बाद परिजनों को बुलाकर उसे सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार मूल रूप से राजस्थान का निवासी एक व्यक्ति अपनी पत्नी, बेटी व बेटे के साथ गांव चिल्हड़ में किराए के मकान में रहता है। वह रंग-पेंट का काम करता है। उनकी पत्नी ने मोबाइल चलाने पर 12 वर्षीय बेटी को डांट दिया था। मां के डांटने के बाद बच्ची बिना बताए अपने घर से चली गई। बच्ची घूमती हुई शहर में पहुंच गई। बच्ची के चले जाने का पता लगने के बाद परिजनों ने भी उसकी तलाश शुरू की। बाजार में घंटेश्वर मंदिर के निकट गश्त कर रहे गोकलगेट चौकी पुलिस के कर्मियों ने बच्ची को वहां बैठी देखकर कारण पूछा। बच्ची से परिजनों के बारे में जानकारी लेने के बाद उनको सूचना दी गई। पुलिस ने घरवालों को बुलाकर बच्ची को सौंप दिया। बच्ची के सही सलामत मिलने पर अभिभावकों ने पुलिस का आभार जताया।