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Rewari News: मोबाइल वैन ने 40 प्रतिशत से अधिक गांव में जांची पानी की गुणवता

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फोटो: 3शहबाजपुर खालसा गांव में पानी की जांच करने के लिए पहुंची मोबाइल जल जांच प्रयोगशाला की ट
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रेवाड़ी। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पीने योग्य पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल जल जांच प्रयोगशाला वैन ने 40 प्रतिशत से अधिक गांव को कवर कर लिया है। 31 मई तक 208 ग्राम पंचायतों में पानी की जांच की जाएगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार आधुनिक मोबाइल जल जांच वैन द्वारा प्रतिदिन 6-8 ग्राम पंचायतों का दौरा किया जा रहा है और प्रत्येक पंचायत में पेयजल सप्लाई के मुख्य स्रोतों, विशेष रूप से ट्यूबवेल और जलघरों से पानी का नमूना एकत्र किया जा रहा।
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इस प्रक्रिया में पेयजल के आवश्यक रासायनिक तत्वों पीएच, एल्केलिनिटी, टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स (टीडीएस), कठोरता, अवशिष्ट क्लोरीन, जिंक, नाइट्राइट, फ्लोराइड, टर्बिडिटी और माइक्रोबायोलॉजिकल मानकों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाएगा। जांच के परिणामों में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, इन निष्कर्षों को भारत सरकार और विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी नियमित रूप से अपडेट किया जाएगा, ताकि जिले के आम नागरिक भी अपने क्षेत्र के पेयजल की गुणवत्ता के बारे में आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकें।



अभियान के पहले चरण में उन ग्राम पंचायतों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां प्री-मानसून केमिकल जांच अभी तक संपन्न नहीं हुई है। इस दौरान मोबाइल लैब के साथ जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुभवी खंड संसाधन समन्वयक, जिला जल जांच प्रयोगशाला सहायक और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभा रहे हैं। दरअसल, विभाग द्वारा प्रत्येक 1 साल बाद यह जांच अभियान चलाया जाता है। इससे पहले वर्ष 2023 में भी इसी प्रकार का एक अभियान चलाया गया था। अब विभाग फिर एक बार इस अभियान को चला रहा है।
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नमूने में कमी की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही

किसी भी ग्राम पंचायत के पेयजल की जांच नमूने में रासायनिक तत्वों की मात्रा भारतीय मानकों से अधिक या कम पाई जाती है तो इसकी विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट तत्काल विभाग के उच्च अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी, ताकि उन विशिष्ट क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता में सुधार के लिए बिना किसी देरी के आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई शुरू की जा सके। लोगों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। इसी के साथ जांच के दौरान ग्राम वासियों को उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे पानी की शुद्धता के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है।

वर्जन:

इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य ग्राम पंचायतों को उनके क्षेत्र में पेयजल सप्लाई के मुख्य स्रोतों की नियमित गुणवत्ता जांच के प्रति जागरूक करना है। यह मोबाइल लैब पूरे मई महीने यानी 31 मई तक जिले के विभिन्न गांवों में सक्रिय रहेगी।
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योगेंद्र परमार, जिला सलाहकार, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, रेवाड़ी।
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