हांसाका गांव के पास रेवाड़ी से फीदेड़ी निकल रहा माइनर रविवार शाम टूट गया, जिससे लगभग 15 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। यही नहीं, माइनर का पानी कुछ घरों तक पहुंच गया।
हैरत की बात यह रही कि रविवार को माइनर टूटने की सूचना मिलन के बाद भी नहर विभाग की ओर से सोमवार दोपहर तक इस संबंध में कोई कदम नहीं उठाया गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जल्द माइनर दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि उनकी फसल को बचाया जा सके।
गांव की अनिता देवी, धनवती और राजकुमार ने बताया कि माइनर रेवाड़ी मेन कैनाल से फीदेड़ी जा रहा है। रविवार शाम 4 बजे माइनर हांसाका गांव के निकट एक जगह से टूट गया, जिससे लगातार पानी निकलने से आसपास के करीब 15 एकड़ फसल में जलभराव हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि वह जब खेत पर पहुंचे तो खेतों को जलमग्न देखकर उनके होश फाख्ता हो गए। माइनर टूटने का अंदेशा हुआ।
जब उन्होंने देखा तो एक जगह से काफी दूरी में माइनर टूटा मिला। खेतों में ग्वार, ढैंचा, धान और बाजरा की फसल खड़ी है, जिन किसानों की फसलें जलमग्न हुई हैं, उनमें गांव के राजीव, जगमाल, राजकुमार, अनिता, रामौतार, रोहताश और राजा शामिल हैं। किसानों ने पानी का बहाव कम करने के लिए खुद ही मिट्टी डालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी।
खेत ही नहीं घरों तक पहुंचा पानी
माइनर टूटने के कारण पानी खेतों मेें ही नहीं रास्ते को पार कर घरों तक पहुंच गया है। दीवारों पर काफी दूरी तक सीलन फैलने लगी है। रास्ते में पानी खड़ा होने से ग्रामीणों का खेतों में आवागमन बंद हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी फसल को नुकसान पहुंचा है। खेत में ज्यादा पानी खड़ा रहने से फसल पर गलने का खतरा भी मंडरा गया है।