कोसली। राजकीय महाविद्यालय नाहड़ की एनएसएस यूनिट-2 का शिविर नाहड़ गांव की राजपूत धर्मशाला में आयोजित किया गया।इसमें नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।
स्वयंसेविका रितु, अंजलि और महक ने नशा मुक्ति विषय पर आकर्षक स्लोगन लिखे। स्वयंसेविकाओं ने रैली निकाल कर लोगों को नशे के दुष्प्रभाव के बारे में बताया। इस दौरान स्वयंसेविकाओं ने चारों ओर है हाहाकार, बंद करो नशे का बाजार, नशा नहीं शिक्षा अपनाओ, देश को नई राह दिखाओ तथा जवानी की है यह पुकार, नशे से रहो हमेशा होशियार आदि नारे लगाए।
स्वयंसेविकाओं ने नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति और परिवार को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने लोगों से तंबाकू, गुटखा, शराब, अफीम एवं अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने की अपील की ताकि कैंसर एवं हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सके।
कैंप के अगले सत्र में एनएसएस प्रभारी डॉ. प्रियंका कुमारी ने स्वयंसेविकाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण विषय पर संवाद किया। इस दौरान यह निष्कर्ष सामने आया कि पर्यावरण संरक्षण हमारे जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि केवल कानून बनाने से पर्यावरण की रक्षा संभव नहीं है, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। तभी हम जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपट सकते हैं। इस अवसर पर स्टाफ सदस्य बबीता एवं जगमोहन भी उपस्थित रहे।