रेवाड़ी। कई दिनों बाद सोमवार को हुई बूंदाबांदी से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। वहीं, यह यह बारिश फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। किसान बारिश के इंतजार में थे। बूंदाबांदी के बाद खेतों में नमी आने से मुरझा रही फसलों में जान लौट आई है। शहर की सड़कों पर जलभराव हो गया।
सुबह अचानक मौसम बदल गया। बादल छाने के बाद बूंदाबांदी शुरू हो गई। पूरे दिन बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे तापमान में करीब छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। इससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली, वहीं फसलों को लाभ पहुंचा है।
जिले में करीब 1.15 लाख एकड़ में बाजरा, कपास, मूंग और अन्य खरीफ फसलें खड़ी हैं। पिछले 13 दिन से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की ऊपरी परत सूखने लगी थी। विशेषकर बाजरे का पकाव, कपास में नए टिंडे बनने की प्रक्रिया थम गई थी। जबकि पशुचारा की फसलों में भी लगातार नमी सूख रही थी।
इस समय बाजरा, कपास, मूंग सहित खरीफ की कई फसलें बढ़वार और पकने की अवस्था में हैं। जिले में बारिश का वितरण पहले असमान रहा है। 18 अगस्त तक रेवाड़ी में सामान्य से सात प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन उसके बाद कई क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से खेतों की नमी कम हो गई थी।
बूंदाबांदी से फसलों को फिलहाल राहत मिली है, लेकिन अच्छी बारिश की अभी भी जरूरत है। विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां खेतों में पर्याप्त नमी नहीं है, वहां बारिश से फसलों को बड़ा लाभ मिल सकता है। बाजरे की पिछैती फसल में बढ़वार थम गई थी लेकिन अब मौसम अनुकूल होने से बढ़वार भी रफ्तार पकड़ेगी।
फसल कुल रकबा एकड़ में:
बाजरा - 1,04,365 एकड़
कपास - 6,820 एकड़
मूंग - 121 एकड़
तिल - 10 एकड़
मूंगफली - 128 एकड़
पशुचारा - 2,768 एकड़
बिजली की मांग में भी आई कमी
बारिश और बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट का असर बिजली की खपत पर भी पड़ा। जिले में बिजली की मांग सामान्य दिनों की तुलना में करीब 20 प्रतिशत तक कम हुई है। बिजली खपत 1 करोड़ के पार चली गई थी। लगातार चल रहे पंखे, कूलर और सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले उपकरणों पर भी इसका असर पड़ा। आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश होती है तो खेतों में सिंचाई की जरूरत कम होगी और फसलों की बढ़वार बेहतर होगी।
3 से 5 सितंबर तक बारिश की उम्मीद
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। 3 से 5 सितंबर के बीच हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि स्थानीय स्तर पर बारिश की मात्रा में अंतर रह सकता है। सोमवार को अधिकतम तापमान करीब 35.4 व न्यूनतम 27 डिग्री दर्ज किया गया। लगातार बादल और नमी रहने से फसलों की स्थिति में सुधार की उम्मीद है। सितंबर के प्रथम सप्ताह में मानसून की विदाई हो सकती है।