धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिलासपुर के पास पहले केवल सुबह और शाम के समय लगने वाला जाम अब पूरे दिन लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। स्थिति यह है कि वाहन कई-कई किलोमीटर तक रेंगते नजर आते हैं।
लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। कई बार एंबुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और यातायात पुलिस समन्वय के साथ प्रभावी यातायात प्रबंधन करें तो इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (पीआईयू) के परियोजना निदेशक योगेश तिलक ने बताया कि बिलासपुर में यातायात को सीमेंट-कंक्रीट से बनी सर्विस रोड से निकाला जा रहा है। यहां फिलहाल केवल तीन लेन उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि जाम का सबसे बड़ा कारण वाहन चालकों का गलत दिशा से प्रवेश करना है। कई चालक जाम से बचने या तावड़ू की ओर जल्दी पहुंचने के लिए गलत दिशा में वाहन लेकर डायवर्जन में घुस जाते हैं। एक भी वाहन यदि गलत दिशा से डायवर्जन में प्रवेश कर जाए तो पूरी यातायात व्यवस्था प्रभावित हो जाती है और कुछ ही देर में लंबा जाम लग जाता है। यातायात मार्शलों की रिपोर्ट में भी गलत दिशा में वाहन चलाने को जाम का प्रमुख कारण बताया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल यातायात को डायवर्ट कर देना पर्याप्त नहीं है। गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पर्याप्त संख्या में यातायात पुलिस और मार्शलों की तैनाती, मजबूत अवरोधकों की व्यवस्था तथा स्पष्ट सूचना पट्ट लगाने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि इन कमियों को दूर कर ही बिलासपुर के इस लंबे जाम की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सकता है।