रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने क्षेत्र के महत्वाकांक्षी मनेठी एम्स प्रोजेक्ट को जल्द अमलीजामा पहनाने के लिए ई-भूमि पोर्टल को अब 30 जून तक खोलने का निर्णय लिया है ताकि भू स्वामी ई-भूमि पोर्टल पर स्वेच्छा से मनेठी एम्स प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन सरकार को आसानी से दे सकें।
उपायुक्त यशेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार ने ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से मनेठी एम्स के लिए जमीन की आवश्यकता जनवरी में अपलोड की थी। लॉकडाउन के दौरान बंद हुए पब्लिक डीलिंग के कार्यों के कारण सरकार ने एक बार फिर ई भूमि पोर्टल को मनेठी एम्स के लिए खोल दिया है। प्रदेश सरकार ने ई-भूमि पोर्टल पर मिले अच्छे रिस्पोंस और ग्रामीणों की मांग पर ई भूमि पोर्टल को खोलने की अवधि 30 जून तक बढ़ा दी है। मनेठी एम्स प्रोजेक्ट पूरे विवरण के साथ पर ई भूमि पोर्टल पर क्रमांक नंबर 39 पर अपलोड है।
उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने बताया कि मनेठी एम्स प्रोजेक्ट के लिए भू स्वामी ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से अपनी जमीन सरकार को देने के लिए स्वयं ऑनलाइन माध्यम से, कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से, पटवारी के पास बैठकर या सरकार द्वारा अधिकृत एग्रीग्रेटर के माध्यम से अपनी पेशकश कर सकते हैं।
अरावली जोन से बाहर 947 एकड़ भूमि
उपायुक्त ने बताया कि मनेठी गांव में लगभग 947 एकड़ और माजरा मुस्तिल भालखी में 891 एकड़ भूमि एनसीजेड अरावली जोन से बाहर है। जबकि ई-भूमि पोर्टल पर मनेठी एम्स प्रोजेक्ट के लिए केवल 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग द्वारा बताई गई है। उम्मीद है कि इन गांवों के भू स्वामी मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए जमीन ई-भूमि पोर्टल पर स्वेच्छा देंगे। उपायुक्त ने बताया कि सरकार द्वारा ई-भूमि पोर्टल के खोलने की समय सीमा बढ़ाने के साथ ही संबधित विभागीय अधिकारियों को इस संबंध में ग्रामीणों को जागरूक करने के बारे में निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मनेठी एम्स के लिए केवल 200 एकड़ भूमि की जरूरत ई-भूमि पोर्टल पर विभाग द्वारा मांगी गई है। उम्मीद है कि मनेठी व माजरा मुस्तिल भालखी गांवों के भू स्वामी मनेठी एम्स के महत्व को समझते हुए स्वेच्छा से जमीन देने के लिए आगे आएंगे।