कृषि मेले में पहुंचे किसान रत्न अवार्डी यशपाल खोला। स्रोत : किसान
धारूहेड़ा। मध्यप्रदेश के रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विभिन्न राज्यों से आए कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और प्रगतिशील किसान शामिल हुए।
कार्यक्रम में रेवाड़ी के किसान रत्न अवाॅर्डी यशपाल खोला ने प्राकृतिक कृषि पर प्रस्तुति दी। उन्होंने रासायनिक मुक्त खेती, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने किसानों से फसल अवशेष जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन कर कचरे को कंचन बनाने का आह्वान किया।
यशपाल खोला ने अपने धारूहेड़ा स्थित प्राकृतिक कृषि मॉडल का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां जीवामृत, घन जीवामृत, आच्छादन, सूक्ष्म सिंचाई, सहकारिता आधारित खेती और डायरेक्ट मार्केटिंग जैसी तकनीकों से किसानों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल किसानों, युवाओं और उपभोक्ताओं को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित कर रहा है। कार्यक्रम में मौजूद कृषि विशेषज्ञों और किसानों ने प्राकृतिक खेती को भविष्य की आवश्यकता बताया।