संवाद न्यूज एजेंसी
कुंड। महाकुंभ हमारी प्राचीन परंपरा व हिंदू आध्यात्मिक संस्कृति का केंद्र है। प्रयागराज मेले में साधु-संतों ने श्रद्धालुओं के लिए बेहतर प्रबंध किया है। ये बातें प्रयागराज में संगम स्नान कर लौटे गांव बलवाड़ी स्थित बाबा पुरुषोत्तम दास सीताराम मंदिर धाम के महंत मुनेश्वर दास ने कहीं।
प्रयागराज महाकुंभ में स्नान के बाद साधु संतों से भेंट कर लौटे महंत मुनेश्वर दास का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। मंदिर परिसर में महाराज ने कहा कि कुंभ मेला साधु, संतों, गुरुओं और भक्तों के मिलन का केंद्र है। महाकुंभ में अखाड़े के महंतों, मठाधीशों ने साधु संतों व भक्तों के ठहराव, भोजन व विश्राम के प्रबंध किए हैं। कहा कि कुंभ स्नान पर सकारात्मक विचारों पर ही ध्यान दें। सम्मान समारोह में डॉ. आनंद राज शर्मा ने महाराज के धार्मिक कार्यों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर सरपंच राहुल कुमार तिवारी बलवाड़ी, सत्यरूप यादव, अशोक कुमार सरपंच मामडीया आसमपुर, भूपेंद्र सिंह सरपंच मायन, कप्तान नंदराम नान्धा,रामकरण सरपंच बवाना गुर्जर, सुरेंद्र सरपंच गोठड़ा रामकुमार कबाड्डी व अन्य मौजूद रहे।