रेवाड़ी के बारा पत्थर स्थित मां महाकाली मंदिर नवरात्र में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। मान्यता है कि यहां मां की प्रतिमा स्वयं प्रकट हुई थी, जिससे भक्त बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं।
रेवाड़ी। शहर के बारा पत्थर स्थित मां महाकाली मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। नवरात्र में नौ दिनों तक यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है।
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मंदिर के पुजारी पवन कुमार वशिष्ठ ने बताया कि यह स्थान अपने आप में अद्भुत है। मान्यता है कि यहां स्थापित माता महाकाली की प्रतिमा जमीन के भीतर से प्रकट हुई हैं। 35 वर्षों से यहां आने वाले श्रद्धालु बताते हैं कि मां के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई मन्नतें पूरी होती हैं।
यही कारण है कि हर वर्ष नवरात्र के समय यहां दूर-दराज से भक्त पहुंचते हैं। नवरात्र में मंदिर में विशेष पूजन-अर्चन और भजन-कीर्तन का आयोजन होता है। सुबह और शाम आरती में भक्तों की भीड़ती है। माता की चौकी सजाई जाती है और कन्या भोज का आयोजन भी मंदिर समिति द्वारा किया जाता है। श्रद्धालु नारियल, चुनरी और प्रसाद चढ़ाकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
स्थानीय सुरेंद्र, राकेश, गीता ने बताया कि नवरात्र में बारा पत्थर का यह मंदिर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराता है। मां महाकाली का यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि आस्था का ऐसा केंद्र है।