रेवाड़ी। पंजाब नेशनल बैंक की रेवाड़ी शाखा में शनिवार को केंद्रीय बजट 2025-26 घोषणाओं के कार्यान्वयन पर चर्चा करने के लिए ऑनलाइन वेबिनार का आयोजन किया गया।
इसमें बताया गया कि संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर 3 लाख से 5 लाख की गई है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव रंजन ने बताया कि आर्थिक सर्वेक्षण 2024 में भी बताया गया था कि 31 मार्च 2024 तक 7.75 करोड़ किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) खाते हैं।
अल्पकालिक ऋण जरूरतों को पूरा करके केसीसी योजना ने कृषि उत्पादकता बढ़ाने और किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। केसीसी-संशोधित ब्याज अनुदान योजना (केसीसी-एमआईएसएस) किसानों को 4 प्रतिशत की प्रभावी रियायती ब्याज दर पर ऋण दे रही है। किफायती ऋण तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय रिजर्व बैंक ने जमानत-मुक्त ऋण को 1.6 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया है। एक बड़े कदम के रूप में, केंद्रीय बजट 2025-26 ने संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत ऋण सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख कर दिया है। इस कदम से कृषि में अधिक निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे फसल उत्पादन, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन के लिए किसानों की बढ़ी हुई पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी।
सरकार ने पिछले दशकों में एमआईएसएस के माध्यम से किसानों को 1.44 लाख करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। इन पहलों के माध्यम से, सरकार का लक्ष्य 2023-24 में कृषि अल्पकालिक ऋण को 9.81 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2029-30 तक 20 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाना है।
इन उपायों के ज़रिए सरकार न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण की सुलभता बढ़ा रही है, बल्कि किसानों को वित्तीय स्वतंत्रता भी दे रही है। जैसे-जैसे यह पहल पूरे देश में लागू होगी, इसमें भारत में कृषि ऋण को फिर से परिभाषित करने की क्षमता है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि समय पर और किफ़ायती ऋण उन लोगों तक पहुंचे। संवाद