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Rewari News: मार्च में निजी खेल नर्सरियों की भेजी थी लिस्ट, अभी तक नहीं मिली मंजूरी

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फोटो : 4राव तुलाराम स्टेडियम में दौड़ लगाते बच्चे। संवाद
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रेवाड़ी। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने राजकीय खेल नर्सरी के साथ ही निजी खेल नर्सरी शुरू करने की भी योजना बना रखी है, लेकिन इस योजना का लाभ खिलाड़ियों को पूरा साल नहीं मिल पा रहा है, निजी संस्थाओं में नर्सरी जनवरी से बंद है। इस वर्ष मार्च में आवेदन लेने व ग्राउंड रिपोर्ट के बाद भी निजी नर्सरियों की सूची अभी तक जारी नहीं की गई है। जबकि सरकारी खेल सेंटर और ग्राम पंचायतों व सरकारी स्कूलों में अप्रैल में ही शुरू हो चुकी हैं। गत वर्ष 62 स्थानों पर खेल नर्सरी चलाई गई थी, जिनमें से दो बंद हो गई थी। इस तरह इस बार मार्च में नर्सरी के लिए विभाग ने आवेदन भी मांग लिए थे। इसके बाद खेल विभाग ने कमेटी बनाकर आवेदन करने वाले संस्थानों की ग्राउंड रिपोर्ट लेकर भी विभाग के पास भेज दी थी, लेकिन अप्रैल माह सहित मई के 18 दिन बीत चुके हैं। बावजूद निजी संस्थाओं की लिस्ट जारी नहीं की गई है। जिला खेल अधिकारियों का कहना है कि नर्सरी का मामला निदेशालय स्तर पर अटका हुआ है वहां से जो लिस्ट आएगी तभी शुरू हो पाएगी।
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समय पर नर्सरियों का हो संचालन :

निजी स्कूलों में पिछले वर्ष शुरू की खेल नर्सरियों के संचालकों ने बताया कि नर्सरी में चयनित खिलाड़ियों को पूरा वर्ष सुविधाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। नर्सरी जहां देरी से शुरू होती हैं, वहीं जनवरी में बंद हो जाती हैं। करीब 6 से 7 महीने ही लाभ मिल पाता है। जबकि अप्रैल से मार्च तक 12 महीने लाभ मिलना चाहिए। ऐसे में मार्च में ही आवेदन सहित सभी प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए, ताकि अप्रैल से नर्सरी शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि समय पर नर्सरियों का संचालन होना चाहिए। इससे खेल प्रतिभाएं भी निखर सकती हैं।

सरकारी संस्थानों में चल रही 50 नर्सरियां

जिले को पिछले माह में सरकारी स्कूलों व ग्राम पंचायतों में 50 खेल नर्सरियां मिली थी, वहीं 20 नर्सरी सरकारी खेल केंद्र पर चल रही है। गांव व पंचायत में जिले को हॉकी व एथलेटिक्स की 6-6, वाॅलीबॉल, फुटबॉल व कबड्डी की 5-5, नेटबॉल व वुशु, हैंडबॉल की 2-2 नर्सरियों के अलावा, बॉक्सिंग, बास्केटबॉल, शूटिंग व अन्य नर्सरियां मिली हैं। इन नर्सरियों का संचालन 11 अप्रैल से हो गया था।
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वर्जन:

निजी खेल नर्सरियों की लिस्ट जिले से भेज दी गई थी। मामला निदेशालय स्तर पर अटका हुआ है, वहां से जो लिस्ट आएगी, तभी नर्सरियां शुरू हो पाएंगी।
ममता , कार्यवाहक डीएसओ
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