रेवाड़ी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने गैंगवार के कारण चार साल पहले हुई हत्या में आठ आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई हैं। हालांकि आलू गैंग का सरगना सुनील डुलगच अभी तक फरार है। पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पाया है। जज ने सजा के साथ ही जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भर पाने पर सजा की अवधि को और बढ़ा दिया जाएगा।
चार साल पहले गैंगवार के कारण चवन्नी की हत्या कर दी गई थी। हत्या उस समय हुई जब वर्ष 2017 में रेवाड़ी शहर की दुर्गा कालोनी में रहने वाले देवेंद्र और नई आबादी निवासी संजय उर्फ चवन्नी बाइक पर धारूहेड़ा चुंगी से पुरानी तहसील की तरफ जा रहे थे। रास्ते में वाल्मीकि बस्ती निवासी सुनील डुलगच, योगेश उर्फ भोटा, तन्नू, अरुण के अतिरिक्त पवन, चेतन व सन्नी खड़े थे। उन्होंने दोनों पर गोली चला दी थी। दोनों बाल-बाल बच गए थे, लेकिन बदमाशों ने लोहे की रॉड व सरियों से उन हमलाकर दिया था, इसमें संजय उर्फ चवन्नी की मौत हो गई थी। सिटी पुलिस ने इन नामजद बदमाशों पर हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। जिन्हें अदालत ने सजा सुनाई है।
जज की बात सुनते ही फरार हो गया था गैंगस्टर
इस मामले का मास्टरमाइंड आलू गैंग का सरगना सुनील डुलगच को भी उम्रकैद हुई है, लेकिन सुनील अभी फरार है। दरअसल, 19 नवंबर को इस मामले में कोर्ट ने सभी 8 बदमाशों को दोषी ठहराया था। अन्य बदमाशों के साथ सुनील भी कोर्ट में मौजूद था। इस दौरान जैसे ही अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सरताज बासवाना की कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया तो सुनील डुलगच चुपचाप कोर्ट से फरार हो गया। रेवाड़ी पुलिस की कई टीमें सुनील को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अभी उसका सुराग नहीं लग पाया है।