गांव गुड़ियानी स्थित बाबू बालमुकुंद गुप्त की हवेली।
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रेवाड़ी। प्रदेश सरकार जिले के गांव गुड़ियानी में जन्मे यशस्वी साहित्यकार एवं मूर्धन्य पत्रकार स्व. बाबू बालमुकुंद गुप्त की पैतृक हवेली में पुस्तकालय खोलेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को चंडीगढ़ के टैगोर थियेटर में आयोजित हरियाणा साहित्य पर्व में बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर की। साहित्यकारों तथा साहित्य प्रेमियों ने मुख्यमंत्री की घोषणा का स्वागत किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि कोरोना काल में अकादमी भवन में जब बाबू गुप्त की प्रतिमा का लोकार्पण किया गया था तो उनके कोलकाता से परिजनों ने गुड़ियानी की हवेली में बाबू गुप्त की स्मृतियों को प्रेरणापुंज बनाने के लिए कोई पुस्तकालय या वाचनालय आदि खोलने की बात कही थी। बाबू बालमुकुंद गुप्त के प्रपौत्र विमल गुप्त (कोलकाता), परिषद के संरक्षक नरेश चौहान, अध्यक्ष ऋषि सिंहल, उपाध्यक्ष रोहित यादव, कृष्ण भगवान गोयल, श्याम बाबू गुप्त, डॉ. प्रवीण खुराना और हेमंत सिंहल ने अकादमी अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल की इस घोषणा का स्वागत करते हुए उन्हें गुड़ियानी पधारने का लिखित निमंत्रण दिया। उधर क्षेत्र के साहित्यकारों तथा साहित्य प्रेमियों ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा का स्वागत करते हुए हवेली को हिंदी पत्रकारिता तथा साहित्य के अनूठे पुस्तकालय के रूप में विकसित करने की पहल पर खुशी जाहिर की है।
साहित्यकार सत्यवीर अकादमी सम्मान से अलंकृत
रेवाड़ी। बाबू बालमुकुंद गुप्त पत्रकारिता एवं साहित्य संरक्षण परिषद के महासचिव व वरिष्ठ साहित्यकार सत्यवीर नाहड़िया को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीरवार को हरियाणा साहित्य अकादमी के जनकवि मेहर सिंह सम्मान से अलंकृत किया है। चंडीगढ़ के सेक्टर-18 स्थित टैगोर थियेटर में आयोजित राज्यस्तरीय साहित्य सम्मान समारोह-हरियाणा साहित्य पर्व में उन्हें दो लाख रुपये, शॉल, प्रशस्ति पत्र व साहित्य भेंट करके हरियाणवी साहित्य सृजन के लिए अलंकृत किया गया। इस मौके पर हरियाणा साहित्य अकादमी, उर्दू अकादमी, संस्कृत अकादमी तथा पंजाबी अकादमी से जुड़े प्रदेश भर के साहित्यकारों को पिछले चार वर्षों के लंबित पुरस्कार प्रदान किए गए। समारोह में सूचना, जनसंपर्क विभाग एवं भाषा विभाग के प्रधान सचिव तथा अकादमी के कार्यकारी उपाध्यक्ष वी. उमाशंकर, इस विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल तथा चारों अकादमी के निदेशक उपस्थित रहे। संवाद