धारूहेड़ा फ्लाइओवर पर लगा लंबा जाम। संवाद
धारूहेड़ा। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धारूहेड़ा के आसपास आए दिन लगने वाला जाम लोग परेशान हैं। अब मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक, एसीएस, परिवहन विभाग के निदेशक, आरटीए, ट्रैफिक पुलिस और एनएचएआई के संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है।
स्थानीय लोगों की ओर से की गई शिकायत में कहा गया है कि धारूहेड़ा से गुरुग्राम और दिल्ली की ओर जाने वाले कर्मचारी, विद्यार्थी और आम नागरिकों को प्रतिदिन जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। खासकर सुबह 7 से 9 बजे के बीच स्थिति बेहद गंभीर हो जाती है। शाम के पीक आवर्स में भी कई स्थानों पर यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है।
शिकायत में एनएच-48 पर जयपुर की तरफ से दिल्ली की ओर जाने वाले ओवरलोड ट्रेलरों, डंपरों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि पीक आवर्स में भारी वाहन बड़ी संख्या में सड़क पर चलते हैं, जिससे यातायात की रफ्तार प्रभावित होती है और जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
जाम से बचने के लिए कई वाहन चालक रॉन्ग-साइड से निकलने का प्रयास करते हैं। रॉन्ग-साइड वाहन न केवल यातायात व्यवस्था बिगाड़ते हैं बल्कि सामने से आने वाले वाहनों और दोपहिया चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
पिछले छह माह की कार्रवाई का मांगा रिकॉर्ड
संबंधित विभागों से पिछले छह महीनों में धारूहेड़ा क्षेत्र में ओवरलोडिंग और रॉन्ग-साइड ड्राइविंग के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा गया है। इसमें कितने चालान हुए, कितने वाहन जब्त किए गए और कितना जुर्माना वसूला गया, इसकी जानकारी मांगी गई है। शिकायत में कहा गया है कि यह समस्या केवल ट्रैफिक जाम तक सीमित नहीं है। रोजाना हजारों लोगों का समय और ईंधन बर्बाद हो रहा है तथा रॉन्ग-साइड और ओवरलोड वाहनों के कारण सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।