संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के सरकारी महाविद्यालयों में इस बार स्नातक प्रथम वर्ष (यूजी) प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 30 प्रतिशत सीटें खाली रह गईं।
हरियाणा उच्चतर शिक्षा निदेशालय की तरफ से चार बार मेरिट लिस्ट जारी करने के साथ तीन बार ऑन-द-स्पॉट दाखिले की सुविधा देने के बाद भी यह स्थिति बनी रही।
वहीं, शुक्रवार को पोर्टल बंद होने के बाद साफ हो गया कि जिले के सरकारी कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं।
गांव खरखड़ा स्थित राजकीय महाविद्यालय के एडमिशन नोडल अधिकारी डॉ. मनु कुमार ने बताया कि विद्यार्थी अब सरकारी कॉलेजों की बजाय निजी कॉलेजों में दाखिला लेना पसंद कर रहे हैं। युवा नियमित कोर्स के साथ-साथ कोचिंग व प्रोफेशनल कोर्स की तैयारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
यही कारण है कि उनका रुझान सरकारी कॉलेजों की बजाय निजी संस्थानों की ओर बढ़ रहा है। जिले के महाविद्यालयों में कुल 9 हजार सीटें हैं, जिनमें से सिर्फ बीए प्रथम वर्ष में ही 4880 सीटें उपलब्ध हैं, 30 प्रतिशत बड़ी संख्या में अब भी सीटें खाली हैं।
गौरतलब है कि खरखड़ा महविद्यालय में बीए की 320 सीटों पर 232 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। बीकॉम में 160 में 132 और बीएससी में 80 सीटों में सिर्फ 37 छात्रों को प्रवेश मिला है। कंवाली में बीए की 420 सीटों पर 225 विद्यार्थियों का चयन हुआ है। बीकॉम में 80 में से 40, बीसीए में 60 सीटों में 50 और बीएससी में 160 सीटों पर सिर्फ 60 छात्रों को प्रवेश मिला है।