रेवाड़ी। तीज के त्योहार को लेकर बाजार में पतंगों की दुकानें सज चुकी हैं। इन दुकानों पर पतंगों के लिए बच्चों की चहल-पहल बनी है। 27 जुलाई को तीज पर शहर में जमकर पतंगबाजी होगी। रंगबिरंगी और विभिन्न प्रकार, आकार की पतंगे बच्चों से लेकर बड़ों को लुभा रही हैं।
सबसे अधिक अमृतसर स्पेशल, बरेली का ढप्पल, पौना, अद्धा, मंजौला, आदमी पतंग, चील पतंग, मटका, डोरेमोन, तिरंगा, रॉकेट, तीन ठड्ढा और कार्टून के साथ 2025 की पतंगों की खरीदी अधिक हो रही है। बाजार में पतंगे 3 रुपये से लेकर 30 रुपये तक और अमृतसर स्पेशल पतंगे 100 से 150 रुपये तक की है। वहीं, एक डोर का मांझा 150 से 250 रुपये तक बिक रहा है।
थोक विक्रेता बंटू भटनागर व गौरव भटनागर ने बताया कि कोरोनाकाल के बाद इस साल पतंगों के बाजार में रौनक बढ़ी है। इस सीजन में लगभग 5 करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। पतंग को खुशी,आजादी और शुभता का संकेत माना जाता है।
सूर्य के उत्तरायण होने के कारण इस समय सूर्य की किरणें सेहत के लिए सबसे अच्छी मानी जाती है। इसी कारण खुले मैदान में जाकर पतंग उड़ाना स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद होता है। शहर में पतंग उड़ाने के शौकीनों की कमी नहीं है।
जयपुर और बरेली से आती हैं पतंगें
शहर के पतंग व्यापारी अधिकांश पतंगें जयपुर से लेकर आते हैं। बरेली से पतंग के साथ मांझा भी मंगाया जाता है। बरेली की पतंग महंगी होने के कारण अधिकांश पतंगें जयपुर व दिल्ली में बनी होती हैं। बाजार में पतंग के दाम 3 रुपये से लेकर 30 रुपये तक और मांझे के दाम एक डोर के 150 रुपये से लेकर 1800 रुपये कीमत में उपलब्ध है। इसके अलावा पतंग के साथ पैराशूट की मांग ज्यादा है। दिन में लोग पतंगबाजी के बाद रात में पैराशूट उड़ाकर त्योहार मनाते हैं।