कुतुबपुर निवासी लक्ष्मी रोहिल्ला
- फोटो : शपथ ग्रहण करते पदाधिकारी।
रेवाड़ी। अंतरराष्ट्रीय हालात और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देने लगा है। घरेलू गैस सिलिंडर की कीमत में 60 रुपये और कामर्शियल में 117 रुपये की बढ़ोतरी हो गई है। इससे लोगों का रसोई बजट गड़बड़ा गया है।
गृहिणियों का कहना है कि गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर किचन पर पड़ता है। जब गैस महंगी होती है तो रसोई का पूरा बजट प्रभावित हो जाता है। ऐसे में कई बार अन्य जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ती है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए गैस सिलिंडर की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
कुतुबपुर निवासी लक्ष्मी रोहिल्ला का कहना है कि गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ता है क्योंकि घर के किचन का पूरा हिसाब वही रखतीं हैं। जब गैस महंगी होती है तो बजट बिगड़ जाता है। कई जरूरी खर्चों में कटौती करनी पड़ती है।
वहीं बारा हजारी निवासी दीप्ति का कहना है कि हर बार गैस की कीमत बढ़ने से घर का बजट प्रभावित होता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चाहे कोई भी कारण हो लेकिन उसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है।
हाउसिंग बोर्ड निवासी उर्मिला ने बताया कि गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ने से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में गरीब परिवार के लोग महंगाई का सामना कैसे करेंगे। उन्होंने सरकार से मांग की है कि महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
कुतुबपुर निवासी लक्ष्मी रोहिल्ला- फोटो : शपथ ग्रहण करते पदाधिकारी।
कुतुबपुर निवासी लक्ष्मी रोहिल्ला- फोटो : शपथ ग्रहण करते पदाधिकारी।