डहीना। हरियाणा के वन तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने शुक्रवार को जिला के गांव सीहा के बाबा रामस्वरूप दास आश्रम में आयोजित खेजड़ी एवं अन्य स्वदेशी वृक्ष बचाओ जन चेतना यात्रा के समापन परपहुंचे। उन्होंने कहा कि खेजड़ी (जाटी) वृक्ष दक्षिण हरियाणा की पहचान और आस्था का प्रतीक है। यह वृक्ष हमारी संस्कृति और परम्परा से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने हरियाणा सरकार खेजड़ी सहित अन्य पुराने और विरासत वृक्षों को हरियाणा प्राण वायु देवता पेंशन योजना में शामिल कर उन्हें पेंशन दिलवाने की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने भिवानी जिला के गांव झुंपा से शुरू की गई खेजड़ी एवं अन्य स्वदेशी वृक्ष बचाओ जन चेतना यात्रा जो कि भिवानी, चरखी दादरी, झज्जर, महेन्द्रगढ़ और रेवाड़ी के 175 गांवों से होकर यहां पहुंची है, सराहना करते हुए यात्रा के संयोजक कमल सिंह यादव की प्रशंसा की।
मंत्री ने सभी पंचायतों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने गांवों में प्लास्टिक की पॉलीथिन पर प्रतिबंध लगाने के लिए पंचायतें आयोजित करें और सामूहिक निर्णय लें। प्लास्टिक पॉलीथिन पर्यावरण, पशुओं और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक है। उन्होंने सरपंच सरिता की ओर से गांव के विकास के लिए रखी गई मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया।
अरावली की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:
वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि अरावली दुनिया की सबसे पुरानी पर्वतमालाओं में से एक है और इससे हमारा इतिहास, पर्यावरण और भविष्य गहराई से जुड़ा हुआ है। अरावली भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जलवायु संतुलन में अहम भूमिका निभाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हरियाणा सरकार ऐसा कोई भी कार्य नहीं होने देगी जिससे अरावली को नुकसान पहुंचे। अरावली की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके संरक्षण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।