रेवाड़ी। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर देश और गांव सुलखा का नाम रोशन करने वाले निशानेबाज कमलजीत सिंह की नजर अब 2027 में दोहा में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप पर है। विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ कमलजीत तैयारियों में जुटे हैं। चोट के बाद एथलेटिक्स छोड़कर शूटिंग को करियर बनाने वाले कमलजीत ने मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने के बाद वह आज गांव सुलखा पहुंचेंगे, जहां ग्रामीणों और परिजनों की ओर से उनका भव्य स्वागत किया जाएगा।
50 मीटर पिस्टल से शुरू किया सफर
कमलजीत ने शूटिंग में शुरुआत 50 मीटर पिस्टल से की थी। इसके बाद उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल की बारीकियां सीखीं और इसी स्पर्धा में पहचान बनाई। 2023 में उन्होंने आईएसएसएफ जूनियर विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। इसके बाद एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया।
एथलीट बनने का सपना था, चोट के बाद शूटिंग को बनाया करियर
कमलजीत का खेल सफर संघर्ष से भरा रहा। शुरुआत में वह एथलीट बनना चाहते थे, लेकिन 2022 में एक दुर्घटना में गंभीर चोट लगने के बाद उनका ट्रैक करियर खत्म हो गया। 15 साल की उम्र में उन्होंने शूटिंग शुरू की। परिवार ने आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनका साथ दिया।