रेवाड़ी। बदलती जीवनशैली और फास्ट फूड के बढ़ते चलन ने लोगों की सेहत पर डाल रहा है। बच्चों से लेकर युवा और वयस्क तक बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज, नूडल्स, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक जैसे जंक फूड का अधिक सेवन कर रहे हैं। नागरिक अस्पताल के फिजीशियन डॉ. मनीष यादव और डॉ. गौरव यादव ने लोगों को जंक फूड से बचने और संतुलित आहार अपनाने की सलाह दी है।
डॉ. मनीष यादव ने बताया कि जंक फूड में अधिक मात्रा में नमक, चीनी, तेल और ट्रांस फैट होता है, जबकि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है। इसका लगातार सेवन करने से मोटापा, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, फैटी लिवर और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि बच्चों में जंक फूड की बढ़ती आदत भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है।
डॉ. गौरव यादव ने बताया कि आजकल व्यस्त जीवनशैली और ऑनलाइन फूड डिलीवरी के कारण लोग घर के पौष्टिक भोजन की बजाय बाहर का खाना अधिक पसंद करने लगे हैं। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने दैनिक आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, दूध, दही और साबुत अनाज को शामिल करना चाहिए।
चिकित्सकों ने सलाह दी कि जंक फूड का सेवन केवल कभी-कभार और सीमित करें। इसके साथ ही नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त पानी पीना और समय पर भोजन करना स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते खानपान की आदतों में सुधार नहीं किया गया तो जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जाएगी। स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधियां अपनाना ही सबसे प्रभावी उपाय है। जंक फूड से दूरी बनाकर लोग कई गंभीर बीमारियों से बच सकते हैं।