मंजूबाला के जिला प्रमुख पद से इस्तीफे के बाद राव खेमे के अंदर ही अपनी पसंद का जिला प्रमुख बनाने की मुहिम चल रही है। लेकिन सभी को पता है कि तमाम कोेशिशों के बावजूद बुधवार सुबह 10 बजे दिल्ली से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत जिस नाम का फरमान जारी करेंगे, उसको जिला प्रमुख बना दिया जाएगा। ऐसे में मंगलवार को देर रात तक मुख्य दावेदार शशिबाला व कांता देवी समर्थक फोन कर राव की ओर से लिए जाने वाले फैसले का इंतजार किया। क्योंकि 22 जनवरी को 18 में से 14 पार्षदों ने दिल्ली पहुंचकर राव में आस्था जताते नाम का फैसला राव पर ही छोड़ दिया था। उस दिन कहा गया था कि 28 जनवरी को नाम का एलान कर दिया जाएगा। ऐसे में मंगलवार को सुबह से लेकर देर रात तक दोनों प्रमुख उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ती रही। हालांकि अपने पद दे इस्तीफा दे चुकी मंजूबाला भी अंदर खाते अपने नाम को आगे बढ़ाए हुए हैं। बता दें कि 18 सदस्यों वाले हाउस में 4 महिला पार्षद अनुसूचित वर्ग से है, और जिला प्रमुख का पद महिला अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
राव खेमे को टक्कर देने के लिए नहीं बचा विपक्ष
रेवाड़ी की राजनीति में रामपुरा हाउस व एंटी रामपुरा हाउस की राजनीति होती रही है। कांग्रेस में रहते हुए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह व कैप्टन अजय यादव के बीच 36 का आंकड़ा रहता था। एक ही पार्टी में होने के बाद भी दोनों गुट अपनी पसंद का जिला प्रमुख बनाने के लिए जोर लगाते रहे हैं। वर्ष 2016 में भाजपा में भी ऐसा ही देखने को मिला। इस बार राव इंद्रजीत व उस समय के पीडब्ल्यूडी मंत्री राव नरबीर सामने थे। तब राव की तरफ से मंजूबाला व नरबीर गुट की तरफ से पिंकी को जिला प्रमुख पद की उम्मीद थी। उस समय दोनों खेमों में 9-9 जिला पार्षद थे, राव नरबीर गुरुग्राम से खुद पार्षदों को बस में लेकर रेवाड़ी पहुुंचे थे। लेकिन टॉस में जिला प्रमुख का पद राव खेमे की मंजूबाला को मिल गया था। लेकिन बाद में मंजूबाला की ओर राव से दूरी बना लेने के बाद से उनको हटाने की तैयारी शुरू हो गई थी। इसी कवायद के तहत 23 दिसंबर को मंजूबाला राव समर्थक रेवाड़ी से भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ चुके सुनील यादव के साथ इस्तीफा देने पहुंच गई थी। अब राजनीतिक समीकरण बदले हुए हैं और राव इंद्रजीत के सामने उनको चुनौती देने वाला कोई भी धड़ा पार्टी या इससे बाहर मौजूद दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में जिला प्रमुख कोई भी बने राव की पसंद का ही बनेगा।
-एक साल का बचा हुआ है कार्यकाल
जिला परिषद पार्षदों का कार्यकाल महज एक साल का बना हुआ है। ऐसे में राव के सामने भी किसी एक के नाम को आगे बढ़ाना चुुनौती से कम नहीं है। गोकलगढ़ निवासी लंबे समय से राव गुट में रही है, ऐसे में प्रबल संभावना उनके नाम पर सहमति की मानी जा रही है, वहीं वार्ड-4 की कांता का दावा भी कमजोर नहीं आंका जा सकता है। वहीं राव समर्थकों का एक धड़ा किसी एक साल के कार्यकाल में विरोध से बचने के लिए एक बार फिर से मंजूबाला के नाम को आगे बढ़ा रहा है, बीते दो सालों के दौरान मंजू की ओर से जिस तरह से पाला बदला गया, इसकी संभावना कम ही है। लेकिन राजनीति फैसले भविष्य की राजनीति को देखते हुए लिए जाते हैं, ऐसे में राजनीति में संभावनाएं हमेशा ही बनी रहती हैं।
राव का जो फैसला होगा मंजूर : शशिबाला
शशिबाला ने कहा कि हमेशा से ही राव इंद्रजीत के साथ रहे हैं, ऐसे में उनकी ओर से जो भी फैसला होगा हमे पूरी तरह से मंजूर होगा।
राव को लेना है फैसला: कांता
कांता देवी ने कहा कि सभी ने राव इंद्रजीत पर फैसला छोड़ा हुआ है, ऐसे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। सुबह 10 बजे इसकी घोषणा हो जाएगी।
जो फैसला होगा, वही सही : मंजूबाला
मंजूबाला ने कहा कि 14 पार्षद राव के साथ हैं, ऐसे में उनकी ओर से जिसका नाम लिया जाएगा, वह जिला प्रमुख बन जाएगा।
कांता देवी।- फोटो : Rewari
मंजूबाला।- फोटो : Rewari