रेवाड़ी। प्रभु श्रीराम का चरित्र भारतीय संस्कृति और धर्म में आदर्श जीवन जीने की प्रेरणा देता है। इसी लिए प्रभु श्रीराम को मर्यादा पुुरुषोत्तम कहा जाता है। हमें श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करना चाहिए। तभी समाज में समरसता आ सकती है। ये बातें हमारा परिवार संस्था के संयोजक दिनेश कपूर ने रविवार को पंजाबी धर्मशाला में आयोजित धार्मिक संगोष्ठी में कहीं।
उन्होंने कहा कि प्रभु राम आज्ञाकारी पुत्र और भाइयों के बीच प्रेम व त्याग का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। प्रभु राम माता सीता के सम्मान की रक्षा करते हुए ना केवल महाबली रावण से युद्ध करते हैं बल्कि उसका संहार करके नारी सम्मान का उत्तम आदर्श प्रस्तुत करते हैं।
लंका विजय करने पर विभीषण ने उन्हें लंका में कुछ दिन विश्राम करने की प्रार्थना की लेकिन प्रभु श्रीराम ने कहा कि बेशक लंका सोने की है लेकिन मेरी मातृभूमि अयोध्या मुझे स्वर्ग से भी सुंदर लगती है।
मुख्य अतिथि जिला आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. दीपक यादव, अखिल भारतीय साहित्य परिषद की जिला अध्यक्ष श्रुति शर्मा, राजेंद्र सिंह यादव, प्रो. सीएल सोनी, भारत विकास परिषद के संरक्षक रमेश सचदेवा ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया। संस्था के प्रधान अरुण गुप्ता, शिक्षाविद डॉ. बलबीर अग्रवाल, उपप्रधान हेमंत ग्रोवर व समाजसेवी हरबंस लाल खुराना ने प्रभु राम के जीवन चरित पर प्रकाश डाला।
महिला प्रधान निशा सीकरी, शिक्षाविद प्रीति कपूर व समाजसेवी मधु गुप्ता ने कहा कि माता शबरी की भक्ति के कारण प्रभु श्रीराम 16 कोस अपना मार्ग बदलकर उसे दर्शन देने के लिए पहुंचे। ना केवल उसे दर्शन दिए बल्कि उसके हाथ के झूठे बेर भी खाए।
इस मौके पर उल्लेखनीय सेवाओं के लिए लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, सुदर्शन मेहंदीरत्ता, प्रफुल्ल श्याम व पर्यावरण सेवी राजेंद्र गेरा को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। अतिथियों को हनुमानजी, शिव दरबार, गणेश जी व राधा कृष्ण के चित्र भेंट किए गए।
कार्यक्रम में सत्यपाल शास्त्री, सुनीता शास्त्री, देवेंद्र कुमार, सोनिया कपूर, ओजस्वी, पूर्वांशी, कपिल कपूर, अशोक गोयल, रामरतन यादव, सेवानिवृत्त पुलिस उपनिरीक्षक राजाराम, लक्ष्मण दास सचदेवा, पुलकित ग्रोवर व साथियों ने सहयोग किया।