रेवाड़ी। गांव तिहाड़ा की ईशा ने अपनी मेहनत के बल पर फेंसिंग खेल में न सिर्फ अपनी पहचान बनाई है बल्कि लड़कियों को प्रशिक्षण देकर वह उन्हें आगे बढ़ा रही हैं। सात साल पहले उन्होंने राव तुलाराम स्टेडियम में फेंसिंग का प्रशिक्षण लिया था। आज वह इसी स्टेडियम में बतौर कोच कार्यरत हैं।
फेंसिंग कोच ईशा नई प्रतिभाओं को तराश रही हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में फेंसिंग की शुरुआत की थी। शुरुआत में सीमित संसाधनों और चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार अभ्यास के दम पर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई उपलब्धियां अपने नाम कीं।
उनके इसी उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते वर्ष 2024 में महज 23 साल की उम्र में उन्हें जूनियर फेंसिंग कोच के रूप में नियुक्ति मिली। खास बात यह है कि उन्हें यह जिम्मेदारी उसी राव तुलाराम स्टेडियम में मिली जहां से उन्होंने अपने खेल जीवन की शुरुआत की थी।
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वर्तमान में 22 लड़कियों को दे रहीं प्रशिक्षण
वर्तमान में ईशा राव तुलाराम स्टेडियम में 22 लड़कियों को फेंसिंग का प्रशिक्षण दे रही हैं। उनके मार्गदर्शन में खिलाड़ी न केवल तकनीकी रूप से मजबूत हो रही हैं बल्कि आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिताओं में भाग भी ले रही हैं। ईशा की मेहनत का ही परिणाम है कि उनकी चार शिष्य राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत चुकी हैं, जिससे जिले का नाम रोशन हुआ है।
लक्ष्य केवल खुद तक सीमित नहीं
ईशा का कहना है कि उनका लक्ष्य केवल खुद तक सीमित नहीं है बल्कि वे चाहती हैं कि अधिक से अधिक लड़कियां खेलों से जुड़ें और अपने हुनर को पहचानें। वह नियमित रूप से खिलाड़ियों को अनुशासन, फिटनेस और तकनीक के साथ प्रशिक्षण देती हैं ताकि वे बड़े मंच पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें। ईशा की यह यात्रा संघर्ष से सफलता तक की कहानी है, जो यह साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों तो सीमित साधन भी रास्ता नहीं रोक सकते।
रेवाड़ी। राव तुलाराम स्टेडियम में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती फेंसिंग कोच ईशा कलकल। संवाद