संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। गांव कनूका में मनरेगा में धांधली के आरोपों की जांच पूरी हो चुकी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी डीसी ने सीटीएम को दी थी। सीटीएम प्रीति ने रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी बावल से रिपोर्ट प्राप्त की है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मनरेगा के क्रियान्वयन में खामियां मिली हैं।
रिपोर्ट में उन्होंने कहा है कि यह अनुशंसा की जाती है कि हरियाणा पंचायती राज अधिनियम की धारा 53 के तहत वसूली कार्रवाई शुरू करने के लिए मामले को उप विभागीय मजिस्ट्रेट को भेजा जाना उचित होगा।
कनूका के सफाई कर्मचारी ने बयान में बताया था कि मेरे द्वारा मनरेगा में कोई भी कार्य नहीं किया गया है, जबकि मेरे अंगूठे के निशान लगवा लिया गया। बाद में मुझे पता लगा कि यह तो मनरेगा के कागज थे।
गांव की मेट ने बताया कि सभी मनरेगा मजदूरों की तरफ से यह बयान दिया गया है कि जो भी काम दिया गया था, वह ठीक है, मनरेगा में कोई धांधली नहीं हुई है। कोई भी पैसा निकालकर दूसरे खाते में नहीं दिए गए हैं। मामले में दूसरे पक्ष का कहना है कि जो भी आरोप लगाए गए हैं वह बेबुनियाद है।
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मामले की जांच की गई थी। उसके बाद रिपोर्ट तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेज दी गई थी। उच्च अधिकारियों के जो निर्देश आएंगे उसी हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में वसूली की कार्रवाई की जा सकती है। - शुभम, बीडीपीओ, बावल।